मध्यप्रदेश में कांग्रेस हो या भाजपा, टिकट के लिए एक अनार सौ बीमार वाली कहावत चरितार्थ होती है। इस बार तो चुनावों से सात महीने पहले ही दावेदारों ने अपने आपको भावी उम्मीदवार लिखना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के कई नेता लोकल कार्यक्रमों में खुद को भावी उम्मीदवार लिख रहे हैं। इससे परेशान होकर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने सभी जिलाध्यक्षों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि कोई भी नेता पोस्टर-बैनर पर खुद को भावी उम्मीदवार न लिखें।
सोशल मीडिया पर कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह का 11 अप्रैल का लिखा पत्र वायरल हो गया है। इसमें राजीव सिंह ने सभी जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ ही जिला प्रभारियों को भी इस नए चलन को लेकर सख्ती के निर्देश दिए हैं। इस पत्र में कहा गया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी को जानकारी मिली है कि प्रदेश में कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता अपनी विधानसभा में स्वयं को आगामी विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भावी प्रत्याशी के रूप में सोशल मीडिया, पोस्टर, वॉल पेंटिंग की मदद से प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
राजीव सिंह ने लिखा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश पर ऐसे लोगों को तत्काल रोका जाए। यदि फिर भी कोई इस प्रकार का प्रचार करता है तो उसके खिलाफ अनुशासन की कार्यवाही के लिए प्रदेश कांग्रेस को अवगत कराया जाए।
भाजपा ने कसा तंज- नियमों में अंतर क्यों?
कांग्रेस के इस पत्र पर भाजपा ने तंज कसा है। भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया कि अरे वाह क्या आदेश है? कमलनाथ जी और कांग्रेस को कार्यकर्ताओं के खुद को “भावी प्रत्याशी” लिखने में आपत्ति है। लेकिन खुद अपने नाम के आगे भावी- अवश्यं भावी मुख्यमंत्री लिखेंगे और लिखवाएंगे भी। ख़ुद के लिए कोई नियम नहीं और कार्यकर्ता लिखेगा तो कार्यवाही होगी।