मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में IPS मीट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के आला IPS अधिकारियों को संबोधन में कहा कि कुछ लोग शिकायत करते हैं कि मेरा पुलिस से ज्यादा प्रेम है। लेकिन ये सच है कि पुलिस 24 घंटे काम करती है। किसी भी घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया पुलिस को ही देना पड़ती है। परेशानी में पुलिस ही भगवान नजर आती है। पुलिस सबकी आशा का केन्द्र बनते जा रही है। जो काम पुलिस के नहीं हैं उनमें भी पुलिस से मदद की उम्मीद की जाती है।
जाति से अपराधी न समझे
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जातियों को हमने आपराधिक घोषित कर दिया है। लेकिन हमारी ये मानसिकता अंग्रेजों के वजह से हो गई। जबकि ऐसे लोगों का उपयोग सही तरीके से किया जाए तो ये बहुत काम के हो सकते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि नट जाति के लोगों से पहले गुप्तचर का काम लिया जाता था, अपनी कला-कौशल के बल पर वे बहुत काम आते थे। इसीलिए पुलिस को अपनी मानसिकता में भी परिवर्तन लाना होगा।