शादी के स्टीकर लगाकर पहुंचे और सीढ़ियों के जरिए पीछे की तरफ से सतना में कारोबारियों के ठिकानों में छापामार कार्रवाई करने वाले आयकर विभाग ने सात दिन की जांच में 200 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है।
सतना में पांच दिन पहले 4 मार्च को आधा सैकड़ा गाड़ियों से पांच करोबारियों क सतना, जबलपुर, रायपुर, जगदलपुर और दिल्ली के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। आधा सैकड़ा गाड़ियां तो सतना की छापेमारी में ही लगाई गई थीं। आयकर विभाग के अधिकारियों ने कुल 44 ठिकानों पर छापा मारकर टिंबर, लोहा कारोबारी सहित अन्य कारोबारियों के यहां छापा मारा था। आयकर विभाग की जांच में पता चला है कि करोड़ों के बोगस बिल बनाकर और लोगों से निवेश कराने के दस्तावेज तैयार कर पांचों कारोबारियों ने करीब 200 करोड़ की टैक्स चोरी की है। पांचों कारोबारियों ने बड़े पैमाने पर जमीनों के साथ अन्य कार्यों में निवेश किया है। कारोबारियों के मकान, दुकान, जमीन और चल-अचल संपत्तियों का पूरा मूल्यांकन किया जा रहा है। अब तक की जांच में 200 करोड़ के टैक्स की चोरी का पता चला है। यह कार्रवाई इतनी बड़ी है कि छापेमारी के तीसरे दिन आयकर विभाग के इन्वेस्टिगेशन विंग के महानिदेशक सतीश गोयल भी सतना पहुंचे थे और दो दिन तक रहकर कार्रवाई का निरीक्षण किया था। आयकर विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सभी पांचों कारोबारी बिजनेस हितों को ध्यान में रखकर आपस में जुड़े हुए थे। कारोबारियों के यहां से 6.50 करोड़ से ज्यादा की ज्वेलरी और कैश जब्त किया है।
इन कारोबारियों के यहां मारा था छापा
आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने 4 मार्च को सतना के टिंबल, लोहा कारोबारी रामा ग्रुप के सतना, जबलपुर, जगदलपुर, रायपुर और दिल्ली समेत पांच शहरों में छापे मारे थे। सतना में कारोबारी नरेश गोयल, सुनील सेनानी, अतुल मेहरोत्रा, संतोष गुप्ता और सीताराम अग्रवाल के यहां छापे की कार्रवाई की गई थी। सोमानी ग्रुप के मॉल का वैल्यूएशन कराया जा रहा है। बाकी कारोबारियों के कुछ ही ठिकाने वैलुएशन के लिए शेष हैं।
बढ़ सकता है टैक्स चोरी का आंकड़ा
आयकर विभाग के अधिकारियों की मानें तो रामा ग्रुप की स्टील फैक्ट्री के कुछ कर्मचारियों के नाम से कंपनी बनाकर बोगस बिलिंग की जा रही थी। इसी तरह सोमानी ग्रुप भी निवेश और बोगस कंपनियों के जरिए बिलिंग कर करोड़ों की टैक्स चोरी की है। संपत्तियों का वैलुएशन हो रहा है। कारोबारियों द्वारा संपत्तियों का जो बाजार मूल्य बताया है, उससे अधिक मूल्य वैलुएशन में आया तो टैक्स चोरी का आंकड़ा बढ़ सकता है।