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मप्र का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों का सम्मान: विधानसभा अध्यक्ष बोले–पत्रकारिता समाज में चेतना का संचार करती है

Sun, 14 Dec 2025 05:55 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वां स्थापना वर्ष समारोह संपन्न हुआ, जिसमें प्रदेश की प्रतिष्ठित विभूतियों को ‘मप्र रत्न’ और ‘मप्र श्री’ सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम में न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजिक मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए।

 

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मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के मप्र रत्न अलंकरण समारोह में अतिथियों के साथ सम्मानित विभूतियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के 33वां स्थापना वर्ष समारोह गरिमामय रूप में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित ‘मप्र रत्न अलंकरण समारोह–2025’ ने न केवल प्रदेश की प्रतिभाओं का सम्मान किया, बल्कि सामाजिक सरोकार, न्याय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर विमर्श का मंच भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पत्रकारिता और साहित्य समाज की चेतना को दिशा देते हैं, इसलिए इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों नई पीढ़ी को प्रेरणा देती है। उन्होंने भविष्य में ऐसे आयोजन किसी शिक्षण संस्था के परिसर में करने का सुझाव दिया गया, ताकि विद्यार्थी सीधे इन विभूतियों से संवाद कर प्रेरणा ग्रहण कर सकें।
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गरीबों के लिए सरल और सुलभ न्याय 
राम जन्मभूमि विवाद पर ऐतिहासिक फैसला देने वाले न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने कहा कि देश और समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब गरीब और सामान्य नागरिक को अच्छी शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं और त्वरित न्याय उपलब्ध हों। उन्होंने सुझाव दिया कि सुप्रीम कोर्ट के अतिरिक्त देश की चारों दिशाओं और प्रमुख राज्यों में और बेंच स्थापित की जाएं। न्यायमूर्ति अग्रवाल ने कहा कि आज संपन्न वर्ग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना और सरकारी अस्पतालों में इलाज कराना पसंद नहीं करता, क्योंकि वहां व्यवस्थाओं और सुविधाओं का अभाव है। यदि जिम्मेदार लोग स्वयं या अपने परिजनों को इन संस्थानों में भेजें, तो व्यवस्था में सुधार की दिशा में ठोस पहल संभव होगी। अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में आम आदमी न्याय के लिए भटकता है। देश में लगभग साढ़े पांच करोड़ मुकदमे लंबित हैं। संपन्न वर्ग के मामलों में अदालतें रात में भी खुल जाती हैं, जबकि आम आदमी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने तक संघर्ष करता है। उन्होंने समान और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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आज समाज में भाषायी असहिष्णुता बढ़ रही है
पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर ध्यानश्री स्वामी शैलेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि आज समाज में भाषायी असहिष्णुता बढ़ रही है। मीडिया को इसकी मर्यादा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। महाराजश्री ने तीर्थाटन और पर्यटन के बीच अंतर समझने और तीर्थ स्थलों की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। वहीं, मप्र प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी ने क्लब की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी।  

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इन विभूतियों को सम्मानित किया 
समारोह में देश-विदेश में मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों को ‘मप्र रत्न’ और ‘मप्र श्री’ सम्मान से अलंकृत किया गया। ‘मप्र रत्न’ सम्मान से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कमेंटेटर पद्मश्री सुशील दोषी, शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली, अमर उजाला समूह के डिजिटल हेड एवं वरिष्ठ पत्रकार जयदीप कर्णिक, फिल्म निर्माता-निर्देशक देवेन्द्र मालवीय, फैशन डिजाइनर मुमताज खान, वरिष्ठ पत्रकार दिनेश गौतम, नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर अमृता जोशी, मीडिया एंकर सोनल भारद्वाज, वेब सीरीज ‘कोटा फैक्ट्री’ और ‘हाफ सीए’ के निर्देशक प्रीतिश मेहता को सम्मानित किया गया। वहीं, ‘मप्र श्री’ सम्मान से एयर कमोडोर आशुतोष चतुर्वेदी, क्रिकेट खिलाड़ी चित्रा बाजपेई, प्रो. संजय द्विवेदी, नीता दीप वाजपेई, पूनम चौकसे, ऋषि राज सिंह सिसोदिया, चित्रकार सुलेखा गुर्जर, आयुर्वेदाचार्य डॉ. शिवदयाल बर्डे और ग्लोबल स्कॉलर अभिषेक गोयल को सम्मानित किया गया। 

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