राजधानी में सोमवार से गणेश उत्सव की शुरुआत होने जा रही है। शहर में करीब 1800 स्थानों पर भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही पंडालों में झांकियां, भंडारे और धार्मिक आयोजन शुरू होंगे। नगर निगम ने इस बार उत्सव को पॉलिथीन मुक्त और जीरो वेस्ट बनाने की तैयारी की है। खास बात यह है कि पहली बार निगम की ओर से जीरो वेस्ट झांकी और भंडारे के लिए अलग-अलग पुरस्कार भी दिए जाएंगे। गणेश उत्सव समितियों की बैठक उत्सव के दौरान स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर गाइडलाइन दी गई। निगम ने सभी समितियों से पंडालों में पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं करने और श्रद्धालुओं को भी इसके लिए जागरूक करने को कहा है।
हर पंडाल में दो डस्टबिन, प्रसाद में भी पॉलिथीन नहीं
जीरो वेस्ट व्यवस्था के तहत हर गणेश पंडाल में दो डस्टबिन रखना अनिवार्य किया जा रहा है। इनमें अलग-अलग तरह का कचरा एकत्र किया जाएगा। पूजा सामग्री, फूल-माला और अन्य निर्माल्य को खुले में फेंकने के बजाय निर्धारित व्यवस्था में देने के लिए समितियां श्रद्धालुओं को जागरूक करेंगी। प्रसाद और पूजन सामग्री के लिए पॉलिथीन की जगह पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने पर जोर रहेगा। निगम का प्रयास है कि गणेश उत्सव के दौरान पंडालों और आसपास के क्षेत्रों में कचरा जमा न हो और उत्सव खत्म होने के बाद भी शहर में गंदगी न फैले।
जीरो वेस्ट झांकी और भंडारे को 10 पुरस्कार
इस बार नगर निगम जीरो वेस्ट झांकी और जीरो वेस्ट भंडारे को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार पुरस्कार देगा। दोनों श्रेणियों में कुल 10 पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रत्येक श्रेणी में तीन पुरस्कार और दो सांत्वना पुरस्कार रहेंगे। दोनों श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार 21 हजार रुपये का होगा। यानी ऐसी समितियां जो झांकी और भंडारे के दौरान कचरा कम से कम पैदा करेंगी, पॉलिथीन से बचेंगी और कचरे का सही तरीके से प्रबंधन करेंगी, उन्हें निगम सम्मानित करेगा। अपर आयुक्त अमन मिश्रा ने निगम के सभी 21 जोन के सहायक स्वच्छता अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गणेश पंडालों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके जरिए पंडालों की संख्या और स्वच्छता व्यवस्था पर निगरानी रखी जाएगी।
बड़े पंडालों में सीसीटीवी, सुरक्षा पर भी नजर
गणेश उत्सव को देखते हुए पुलिस भी समितियों के साथ बैठक कर चुकी है। बड़े गणेश पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर दिया गया है। भीड़ वाले स्थानों और आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात को सुचारु रखने की तैयारी की जा रही है। भोपाल में गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में पहुंचते हैं। पिछले वर्ष शहर में करीब 250 स्थानों पर बड़ी झांकियां होने की जानकारी सामने आई थी। इस बार भी प्रमुख बाजारों और इलाकों में पंडालों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
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14 से 25 सितंबर तक उत्सव
गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को है। इसी दिन घरों और सार्वजनिक पंडालों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना होगी। दस दिवसीय उत्सव के बाद 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। इस बार नगर निगम की कोशिश सिर्फ प्रतिमा स्थापना और पंडालों की व्यवस्था तक सीमित नहीं है। उत्सव के दौरान निकलने वाले कचरे को कम करना और पंडालों को साफ रखना भी व्यवस्था का अहम हिस्सा रहेगा। ऐसे में गणेश उत्सव में पहली बार 'भक्ति के साथ स्वच्छता' को पुरस्कार से जोड़ना निगम की नई पहल मानी जा रही है।