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भोपाल में पहली बार जेन अल्फा प्रोटेस्ट: 300 विद्यार्थी सड़क पर उतरे,बोले-डीएमएस को KV में मर्ज नहीं होने देंगे

Tue, 18 Aug 2026 06:09 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में पहली बार ‘जेन अल्फा प्रोटेस्ट’ देखने को मिला। रीजनल स्कूल के 300-400 छात्र डीएमएस को केंद्रीय विद्यालय में मर्ज करने के विरोध में सड़क पर उतरे। सेव डीएमएस के पोस्टर लेकर छात्रों ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा और कहा कि स्कूल की अलग पहचान खत्म नहीं होने देंगे। मांग पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी।
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भोपाल में जेन अल्फा प्रोटेस्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी में मंगलवार को पहली बार किसी शैक्षणिक संस्थान के मुद्दे पर जेन अल्फा प्रोटेस्ट देखने को मिला। रीजनल स्कूल के करीब 300 से 400 छात्र-छात्राएं स्कूल को केंद्रीय विद्यालय संगठन में शामिल किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में सड़क पर उतर आए। छात्रों ने हाथों में सेव डीएमएस के पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और स्कूल की मौजूदा पहचान बनाए रखने की मांग की। छात्रों ने रीजनल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एसके गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। इसमें स्कूल के संविलयन की प्रक्रिया रोकने की मांग की गई। छात्रों ने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
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सेव डीएमएस’ के पोस्टर लेकर पहुंचे छात्र
प्रदर्शन में छात्रों ने सेव डीएमएस लिखे पोस्टर लहराए। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि रीजनल स्कूल सिर्फ सामान्य विद्यालय नहीं है, बल्कि शिक्षा में प्रयोग और नवाचार के लिए इसकी अलग पहचान है। उनका कहना है कि स्कूल को केंद्रीय विद्यालय संगठन में शामिल करने से इसकी मूल अवधारणा और शैक्षणिक स्वरूप प्रभावित हो सकता है।

अभिभावकों को प्रवेश व्यवस्था बदलने की चिंता
अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता केंद्रीय विद्यालय की प्रवेश नीति को लेकर है। उनका कहना है कि केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश की प्राथमिकताएं अलग होती हैं। ऐसे में मौजूदा विद्यार्थियों और सामान्य परिवारों के बच्चों के भविष्य में प्रवेश को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अभिभावकों ने कहा कि इतने बड़े फैसले से पहले छात्रों और अभिभावकों से चर्चा की जानी चाहिए थी। उन्होंने सरकार और एनसीईआरटी से संविलयन के बाद की व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की है।
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नर्सरी से 12वीं तक करीब 1000 विद्यार्थी
अभिभावकों के मुताबिक, स्कूल में नर्सरी से 12वीं तक करीब 1000 विद्यार्थी पढ़ते हैं। 11वीं और 12वीं में कला, वाणिज्य समेत अलग-अलग विषयों की पढ़ाई होती है। स्कूल में व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं। अभिभावकों का सवाल है कि संविलयन के बाद विद्यार्थियों की पढ़ाई, शिक्षकों, प्रवेश व्यवस्था और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का क्या होगा।

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कांग्रेस प्रवक्ता बोले- छात्रों का सड़क पर उतरना गंभीर संकेत
मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने इसे भोपाल में शैक्षणिक संस्थान के मुद्दे पर पहला ‘जेन अल्फा प्रोटेस्ट’ बताया। उन्होंने कहा कि इससे पहले विदिशा में बस किराए के मुद्दे पर बच्चों के प्रदर्शन को जेन अल्फा प्रोटेस्ट के तौर पर देखा गया था। उन्होंने कहा कि रीजनल स्कूल शिक्षा में प्रयोग और नवाचार के लिए स्थापित संस्थान है। इसलिए इसके केंद्रीय विद्यालय संगठन में संविलयन से पहले इसके उद्देश्य और भविष्य पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। छात्रों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।


 
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