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MP में आंदोलन से पहले ही एक्शन: मध्य प्रदेश में किसान नेता नजरबंद, 15 मांगों को लेकर बढ़ा विवाद

Mon, 04 May 2026 11:51 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन से पहले ही पुलिस ने कई नेताओं को नजरबंद कर दिया, जिससे विवाद बढ़ गया है। किसान 15 मांगों को लेकर भोपाल आने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।
  
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में किसानों के प्रस्तावित आंदोलन से पहले ही प्रशासन और किसान संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। आरोप है कि पुलिस ने कई किसान नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया, ताकि वे भोपाल पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। किसान संगठन अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी भोपाल में जुटने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए सीहोर-भोपाल मार्ग पर फंदा टोल नाके पर एकत्र होने की योजना थी। लेकिन पुलिस ने आंदोलन शुरू होने से पहले ही सख्ती दिखाते हुए कई नेताओं की आवाजाही सीमित कर दी। जानकारी के अनुसार, देवास, रतलाम सहित कई जिलों में प्रमुख किसान नेताओं के घरों के बाहर सुबह से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया। उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि करीब 30 जिलों से कार्यकर्ता भोपाल आने वाले थे, लेकिन पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर उन्हें रोक दिया। वहीं, किसान नेताओं का कहना है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, इसलिए वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे। उन्की मांगों पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और बढ़ा प्रदर्शन किया जाएगा। 
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किसानों की 15 प्रमुख मांगें
किसानों ने सरकार के सामने कई मुद्दे उठाए हैं, जिनमें प्रमुख हैं गेहूं खरीदी में आ रही दिक्कतों का तुरंत समाधान, मडी में कम दाम पर बेचने वाले किसानों को भावांतर योजना का लाभ, पराली जलाने के मामलों को वापस लेने की मांग, कर्ज चुकाने की समय सीमा बढ़ाने और नए लोन की सुविधा, प्राकृतिक आपदा से नुकसान पर पूरी राहत और बीमा राशि, फसलों के दाम लागत के आधार पर तय करने की मांग, सभी किसानों का कर्ज माफ करने की मांग, दूध के दाम बढ़ाने और बोनस भुगतान, मूंग की फसल की MSP पर खरीदी और खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।  
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