रविंद्र भवन में मतदाता महोत्सव का आयोजन
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में दो महीने का समय बचा है। इससे पहले चुनाव आयोग का दल तैयारियों की समीक्षा करने भोपाल पहुंचा। इस अवसर पर राजनीति दलों ने आयोग के सामने अपने सुझाव और शिकायतें रखीं। भाजपा की तरफ से नफरती भाषण पर कार्रवाई समेत अन्य सुझाव दिए गए। वहीं, कांग्रेस ने एक हजार वोट पर हार जीत पर दोबारा काउंटिंग और मुख्य सचिव को हटाने की मांग की। इस तरह के सुझाव व मांग पत्र मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार समेत चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ को सोमवार को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की ओर से दिए गए।
शहर से बाहर गए वोटरों को डाक पत्र दें
भाजपा की ओर से चुनाव आयोग को पार्टी के समन्वय विभाग के प्रदेश संयोजक एसएस उप्पल और भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक मनोज द्विवेदी की टीम ने शहर में अनुपस्थित मतदाताओं को डाक मत पत्र की सुविधा देने की मांग की। उन्होंने अप्रैल 2023 में हाई कोर्ट द्वारा नफरती भाषण 'हेट स्पीच' को लेकर जारी निर्देशों का पालन करने की मांग की। भाजपा की तरफ से कहा गया कि चुनाव के दौरान आवाज बदलकर हेट स्पीच की स्थिति बन सकती है। उन्होंने आयोग से इस मामले में स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग पर रोक की भी मांग भी की।
वीवीपेट से निकलने वाली पर्ची मतदाताओं को दें
कांग्रेस की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में आयोग को सुझाव सौंप गए। 17 बिंदुओं के सुझावों में आयोग से एक हजार से कम वोट पर जीत हार होने पर दोबारा काउंटिग कराने की मांग की गई है। इसके अलावा प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को भी हटाने की मांग की। इसके लिए तर्क दिया गया कि वे दो बार सेवा वृद्धि ले चुके हैं और उनके कार्यकाल में निष्पक्ष चुनाव की संभावना नहीं है। साथ ही यह भी शिकायत की कि मतदाता सूची में गलतियां हैं, जिनको सुधारा नहीं जा रहा है। इसका उदाहरण देते हुए बताया कि एक वोटर के नाम दो या अधिक स्थानों पर है। मतदाता सूची में फोटो धुंधले होने का भी आरोप लगाया गया। साथ ही भाजपा के 39 प्रत्याशियों के नाम घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा उनके विधानसभा क्षेत्र में सरकारी खर्चे पर कार्यक्रम करने का मुद्दा भी आयोग के सामने रखा और खर्चे को प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ने की मांग की। मतदान केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और मतदान केंद्र के बाहर कम से कम एक कैमरा द्वार पर लगाने की मांग की है। कांग्रेस ने वीवीपेट से निकलने वाली पर्ची मतदाता के हाथों में देने की व्यवस्था की मांग की है।
एक परिवार के सदस्यों का नाम एक ही बूथ में हो -आप
आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने नगरीय निकाय चुनावों में हुई गड़बड़ी का जिक्र किया और विधानसभा चुनाव में उनको दूर करने की मांग की। उन्होंने बताया कि निकाय चुनाव में एक ही घर के 5 सदस्यों को अलग-अलग 5 बूथों आवंटित किया गए थे जिससे वोटिंग को लेकर लोगों को परेशानी हुई। वहीं ग्रामीण इलाकों में फर्जी वोटर्स को लेकर भी सत्यापन की मांग की गई।
फर्जी वोटिंग रोकने थंब सिस्टम लागू करे आयोग
बहुजन समाज पार्टी की ओर से ईवीएम और बैलेट पेपर में थंब सिस्टम लागू कर वोटिंग कराने का सुझाव दिया। ताकि फर्जी वोटिंग रोकी जा सके। बसपा ने मतदान केंद्र में सेंट्रल फोर्स के सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाने की मांग की। ताकि स्थानीय पुलिसकर्मियों के दबाव को रोका जा सके। परिवार के सभी सदस्यों के नाम बूथ में एक ही जगह होने चाहिए।