लगातार चल रहे मौसम में उतार-चढ़ाव से राजधानी भोपाल में बीमारियां पैर पसारने लगी हैं जहां सर्दी जुकाम और वायरल के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, वही डेंगू मलेरिया के लक्षण वाले मरीज भी तेजी से अस्पताल पहुंच रहे हैं। राजधानी भोपाल के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या डेढ़ गुनी हो गई है। अस्पतालों के चिकित्सकों की माने तो सबसे ज्यादा वायरल और उल्टी दस्त जैसी परेशानी से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
मौसमी बीमारियां ज्यादा
जेपी अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव बताते हैं कि बरसात के मौसम में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस मौसम में ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में राजधानी भोपाल के जेपी, हमीदिया और अन्य शासकीय अस्पतालों में ओपीडी की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। जेपी अस्पताल में रजिस्ट्रेशन के लिए 2 नए काउंटर बनाए गए हैं, अस्पताल में जहां बुजुर्ग और दिव्यांग मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है।
अकेले जिला अस्पताल में पहुंच रहे 2 हजार मरीज
इन दिनों जेपी अस्पताल में रोजाना करीब 2000 से 2200 तक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज वायरल, उल्टी, दस्त सहित अन्य मौसमी बीमारी से पीड़ित होने की शिकायत कर रहे हैं। वही हमीदिया अस्पताल में भी 3000 से ज्यादा मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। जबकि एम्स में रोजाना 5000 के करीब मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ओपीडी काउंटरों की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी मरीज को अस्पताल से लौटाना न पड़े।
बीमारियों से निपटने की गई है व्यवस्था
जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव से बीमारियां बढ़ी हैं। बरसात के मौसम में दूषित पानी पीने या खान-पान में गड़बड़ी होने से उल्टी, दस्त, पेचिश, हैजा, पीलिया और टाईफाइड जैसे रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि इन बीमारियों से निपटने के लिए जेपी अस्पताल में विशेष तैयारियां की गई है। वहीं भोपाल सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी का कहना है कि भोपाल में बढ़ती बीमारियों को देखते हुए सभी छोटी बड़ी अस्पतालों में विशेष व्यवस्थाएं की गई है ताकि मरीजों को परेशान ना हो पाए। अस्पतालों में ओआरएस, क्लोरीन टेबलेट, पैरासीटामॉल, मेट्रोनिडजोल, मेटोक्लोप्रमिड, एंटीबॉयोटिक्स, आइवी फ्लूड, एंटीलमिंटिक्स, एंटीडायिरियल दवा उपलब्ध रहे, इसकी व्यवस्था की गई है।
तीन दिन की छुट्टी के बाद बढ़ी मरीजों की भीड़
लगातार तीन दिनों के छुट्टियों के बाद मंगलवार को भोपाल के सरकारी अस्पताल हमीदिया जेपी और एम्स में मरीजों की काफी भीड़ पहुंची। मौसमी बीमारी का प्रकोप ने इस भीड़ को और भी बढ़ा दिया।सुबह ओपीडी चालू होते ही मरीजों की भीड़ उमड़ने लगी। इसकी वजह से लंबी लाइन लगने से मरीजों को परेशान होना पड़ा। भीड़ इतनी अधिक रही कि दोपहर दो बजे तक ओपीडी खत्म होने के समय पर भी सैकड़ों मरीज लाइन में खड़े रहे और अंत में ओपीडी बन्द होने पर इलाज से वंचित हो गए।