भोपाल जिला पंचायत की स्थाई शिक्षा समिति की बैठक गरुवार को मोहन सिंह जाट उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल नरेंद्र कुमार अहिरवार ने बैठक का एजेंडा रखते हुए अध्यक्ष की अनुमति से बिंदुवार चर्चा करते हुए बैठक शुरू की। बैठक में सदस्य विनय सिंह मेहर कहा कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में भवन मरम्मत कार्य के लिए राशि दी जाती है। लेकिन उसका सही उपयोग नहीं हो रहा है। शिक्षा विभाग के इंजीनियर नरेश भक्तानी के द्वारा अपने चाहते ठेकेदारों को ठेका दिलाए जाते हैं और स्कूलों में सही गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य नहीं हो रहे हैं।
दारू के नशे में बात करते हैं इंजीनियर
विनय सिंह मेहर कहा कि जब हम इंजीनियर से बात करते हैं तो वह फोन नहीं उठाते हैं और उठाते भी हैं तो दारू के नशे में बात करते हैं। यह एक गंभीर समस्या है बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। सरकार की राशि का दुरुपयोग हो रहा है। ऐसे इंजीनियरों को राजधानी भोपाल ग्रामीण क्षेत्र में रहने का अधिकार नहीं है। उन्होने कहा कि इसकी शिकायत में कलेक्टर, मंत्री और मुख्यमंत्री से भी करूंगा।
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छात्रावास में अच्छी गुणवत्ता का भोजन नहीं मिल रहा
उपाध्यक्ष जिला पंचायत मोहन सिंह जाट ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास हटाई खेड़ा में बच्चों को अच्छी गुणवत्ता का भोजन नहीं मिल रहा है। उन्होने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण के दौरान छात्रावास में चौकीदार अंकित विश्वकर्मा एवं कक्षा 2 के छात्र सतीश और छात्र वीरेश उपस्थित पाए गए। सफाई कर्मचारी अनुपस्थित थे। छात्रावास में मीनू के अनुसार बच्चों के लिए भोजन नहीं बना था।
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अंकित भैया दारू पी के आते हैं और मरते हैं
जाट ने बतााय कि छात्रावास के बच्चों ने बताया कि अंकित भैया दारू पी के आते हैं और मरते हैं खेलने नहीं देते हैं। बच्चों से काम करवाते हैं। बच्चे बीमार होने पर अजय द्वारा बच्चों द्वारा नाटक करने कह कर मारते हैं। खाना बनाने वाली बाई राशन घर ले जाती है। ऐसी कई शिकायतें सही पाई गई। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मोहन जाट ने कार्रवाई की मांग जिला शिक्षा अधिकारी से की। उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने इस गंभीर समस्या को भोपाल कलेक्टर तक शिकायत करने की मांग बैठक में की।