कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए धन जुटाने वाली रैलियों के दौरान मध्य प्रदेश के मुस्लिम इलाकों को निशाना बनाया गया। उन्होंने हिंसा की इन घटनाओं की जांच किसी सेवानिवृत्त मुख्य सचिव या पुलिस महानिदेशक से कराने व मुआवजा देने की मांग की। उधर मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश में गुंडे-माफिया के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, दिग्विजय सिंह या कोई और उन्हें बचा नहीं पाएगा।
बता दें, दिसंबर के अंतिम सप्ताह में उज्जैन, मंदसौर और इंदौर धन संग्रह रैलियों के बाद कुछ स्थानों से पथराव और आगजनी की खबरें आई थीं। शुक्रवार को भोपाल में पत्रकारों से चर्चा में दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘जिस तरह से हिंसक घटनाएं हुईं उस पर मैं दुखी हूं। धन जुटाने के दौरान हथियार, लाठियों, तलवारों का प्रदर्शन किया गया और भड़काऊ नारे लगाए गए। खासकर मुस्लिम इलाकों को निशाना बनाया गया। मैं इसका विरोध करता हूं।‘
सिंह का यह बयान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के इस मुद्दे पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और पुलिस महानिदेशक वी के जौहरी से मुलाकात के बाद आया है। मप्र के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘हिंदू और मुसलमान एकजुट होकर हमारे देश की आजादी के लिए लड़े। जिन लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा नहीं लिया, वे देश के माहौल को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उज्जैन मंदसौर और इंदौर की घटनाओं की जांच होनी चाहिए। कलेक्टर और एसपी ने इन रैलियों के लिए अनुमति क्यों दी? इसके लिये कलेक्टर व एसपी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। यह अजीब है कि जिन लोगों के घरों में आग लगा दी गई, जिनके ट्रैक्टर और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और जिन्होंने गोली के घाव खाए, उनके खिलाफ पुलिस के मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
सिंह ने कहा कि हिंसा की इन घटनाओं की जांच किसी सेवानिवृत्त सीएस या डीजी से कराई जानी चाहिए और जिन लोगों का नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए। सिंह ने आगे कहा कि वह भी एक हिंदू हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से बेहतर हिंदू हैं। हमारे धर्म ने सभी के लिए शांति और सम्मान की शिक्षा दी है।
मुख्यमंत्री शिवराज का कड़ा रुख
सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक वीडियो में कहा कि गुंडों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और दिग्विजय सिंह या कोई भी पत्थरबाजी या हिंसा में लिप्त लोगों को बचा नहीं पाएंगे। इससे पहले विहिप के मालवा प्रांत सचिव सोहन विश्वकर्मा ने बताया था कि संगठन की धन जुटाने वाली रैलियों पर पथराव किया गया था।