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उज्जैन से अयोध्या तक दिग्विजय की पदयात्रा: जानें पूरा रूट, कब, कहां और कितने बजे पहुंचेंगे, क्या रहेगा खास

Tue, 20 Oct 2026 07:03 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

 दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू हो रही है। पहले चरण में 5 नवंबर तक यात्रा उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़ और गुना जिले के विभिन्न पड़ावों से होते हुए राघौगढ़ के पाटई आश्रम पहुंचेगी। दीपावली के बाद ओरछा होते हुए अयोध्या जाने की योजना है। यात्रा में धार्मिक स्थलों पर पारदर्शिता, मंदिरों के चढ़ावे और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।
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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन से शुरू होगी। महाकाल की नगरी से अयोध्या तक प्रस्तावित इस पदयात्रा के पहले चरण का कार्यक्रम जारी किया गया है। 20 अक्टूबर से 5 नवंबर तक यात्रा मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों, कस्बों और गांवों से गुजरेगी। पहले दिन धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पदयात्रा शुरू होगी। आगे के पड़ावों पर स्थानीय लोगों, किसानों और श्रद्धालुओं से संवाद की योजना है। यात्रा में धार्मिक स्थलों पर पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाएंगे।
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सुबह 8 बजे से उज्जैन में कार्यक्रम, फिर पदयात्रा
यात्रा के पहले दिन उज्जैन में सुबह करीब 8 बजे से कार्यक्रम शुरू होने का प्रस्ताव है। दिग्विजय सिंह श्री चिंतामण गणेश मंदिर और श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद नृसिंह घाट के समीप बालाजी गार्डन में पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन-अभिषेक, कन्या भोज और भंडारे का आयोजन प्रस्तावित है। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पदयात्रा बड़ा गणेश मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर चौराहा, कमरी मार्ग, टंकी चौराहा, कंठाल, निजातपुरा और कोयला फाटक सहित शहर के प्रमुख रास्तों से गुजरेगी। पहले दिन करीब साढ़े सात किलोमीटर पैदल चलने और तराना रोड स्थित श्री साईं कुंज कॉलोनी में रात्रि भोजन व विश्राम का कार्यक्रम है। पदयात्रा के वास्तविक प्रस्थान का सटीक समय धार्मिक कार्यक्रमों के अनुसार बदल सकता है।

17 दिन का पूरा रूट: कब कहां पहुंचेगी यात्रा?
तारीख              निर्धारित पड़ाव
20 अक्टूबर      उज्जैन से शुरुआत, तराना रोड पर विश्राम
21 अक्टूबर      उज्जैन से सिंदुरिया
22 अक्टूबर      सिंदुरिया से तराना
23 अक्टूबर      तराना से देवाखेड़ा-जुनापानी जोड़
24 अक्टूबर      देवाखेड़ा से शाजापुर
25 अक्टूबर      शाजापुर से पनवाड़ी
26 अक्टूबर      पनवाड़ी से सारंगपुर
27 अक्टूबर      सारंगपुर से गुलावता
28 अक्टूबर      गुलावता से खुजनेर
29 अक्टूबर     खुजनेर से करेड़ी
30 अक्टूबर     करेड़ी से राजगढ़
31 अक्टूबर     राजगढ़ से कालीपीठ
1 नवंबर          कालीपीठ से नयापुरा जोड़
2 नवंबर         नयापुरा जोड़ से बीनागंज
3 नवंबर         बीनागंज से घाटाखेड़ी
4 नवंबर        घाटाखेड़ी से सागर ग्राम
5 नवंबर    सागर ग्राम से पाटई आश्रम, राघौगढ़
पांच नवंबर को राघौगढ़ के पाटई आश्रम पहुंचने के साथ यात्रा के पहले चरण का समापन प्रस्तावित है। इसके बाद दीपावली के अवसर पर पांच दिन का विराम रखने की योजना है।
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शाजापुर में किसान संवाद और भजन संध्या
यात्रा के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ जनसंवाद पर भी जोर रहेगा। 24 अक्टूबर को करेड़ी माताजी मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद शाजापुर पहुंचने का कार्यक्रम है। यहां कबीर भजन गायक प्रहलाद टिपानिया की भजन संध्या प्रस्तावित है। 25 अक्टूबर को शाजापुर के हनुमान मंदिर सात इमली पर किसान संवाद और पनवाड़ी में धर्मसभा का कार्यक्रम रखा गया है। 28 अक्टूबर को गुलावता में कबीर आश्रम के लोकार्पण के बाद यात्रा खुजनेर की ओर बढ़ेगी। 30 अक्टूबर को राजगढ़ पहुंचने और फिर कालीपीठ, नयापुरा जोड़ तथा चाचौड़ा क्षेत्र की ओर जाने का कार्यक्रम है।

दीपावली के बाद ओरछा होते हुए अयोध्या जाएंगे
पहले चरण के बाद यात्रा आगे बढ़कर अशोकनगर, चंदेरी और अन्य क्षेत्रों से होते हुए ओरछा पहुंचेगी। यहां रामराजा सरकार मंदिर में दर्शन के बाद उत्तर प्रदेश के रास्ते अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक पहुंचने का लक्ष्य है। पूरी यात्रा लगभग 70 दिनों में पूरी करने की योजना बताई गई है। हालांकि, पांच नवंबर के बाद के पड़ावों की तारीखवार समय-सारणी जारी नहीं की गई है।

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धार्मिक आस्था के साथ पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों का मुद्दा
दिग्विजय सिंह ने यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म के मूल आदर्शों सत्य, न्याय, सदाचार और स्वाभिमान के प्रति जनजागरण बताया है। यात्रा में मंदिरों के चढ़ावे, दान, निर्माण कार्यों और धार्मिक संस्थानों की संपत्तियों के उपयोग में पारदर्शिता की मांग उठाई जाएगी। इसके साथ लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। यात्रा की खास बात: शुरुआत महाकाल की नगरी उज्जैन से होगी और लक्ष्य अयोध्या में रामलला के दर्शन का है। पहले चरण में 17 दिनों के दौरान अलग-अलग पड़ाव तय किए गए हैं। 


 
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