मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस खतरनाक वायरस के प्रसार को खत्म करने के लिए भोपाल जिला प्रशासन ने एहतियातन 20 इलाकों को कंटेंमेंट जोन घोषित किया है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित क्षेत्रों के निवासियों को होम क्वारंटीन में रहना अनिवार्य होगा।
बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को राज्य सरकार ने विदिशा, उज्जैन, ग्वालियर, नरसिंहपुर शहरों के साथ छिंदवाड़ा जिले के सौंसर में भी रविवार को लॉकडाउन का एलान कर दिया था। मध्य प्रदेश सरकार इंदौर, भोपाल, जबलपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, रतलाम और खरगोन में रविवार को लॉकडाउन लगाने का फैसला पहले ही कर चुकी है। यानि कुल 12 शहरों में 28 मार्च को लॉकडाउन रहेगा।
30 मार्च से सरकारी कार्यालयों में आधे कर्मचारी बुलाए जाएंगे
यह भी फैसला हुआ है कि 30 मार्च से इंदौर और भोपाल शहर के सरकारी दफ्तरों में आधे ही कर्मचारियों को बुलाया जाएगा। रोटेशन सिस्टम पहले की तरह लागू हो सकता है। जिन जिलों में कोरोना के 20 से अधिक प्रकरण हैं, वहां होलिका दहन एवं शब-ए-बारात कार्यक्रम प्रतीकात्मक रूप से ही होंगे।
भोपाल में लागू नई गाइडलाइन
होटल व रेस्टोरेंट में खाना बैठकर नहीं खा सकते। सिर्फ पैक करवाकर ले जा सकते हैं।
खाने की होम डिलीवरी भी रात 10 बजे तक ही हो सकेगी।
जिम, स्वीमिंग पूल, सिनेमाघर पूरी तरह से बंद रहेंगे।
सभी पिकनिक स्पॉट आगामी आदेश तक बंद रहेंगे।
सभी धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। यहां पर आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है।
होली समेत सभी त्योहार सिर्फ घर में रहकर मनाए जा सकेंगे।
कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं किया जा सकेगा।
नाइट कर्फ्यू रात 10 बजे की जगह रात 9 बजे से लागू होगा।
रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक दुकानें व अन्य संस्थान बंद रहेंगे।
शहर में हर रविवार को लॉकडाउन रहेगा।
यह लॉकडाउन शनिवार रात 9 बजे शुरू होकर सोमवार सुबह 6 बजे तक रहेगा।
रैली, जुलूस, गेर (होली का जुलूस), यात्रा, प्रदर्शन और धरने पर रोक रहेगी।
शादी में सिर्फ 50 लोग ही शामिल हो सकते हैं। इसके लिए पहले से अनुमति लेनी होगी।
शवयात्रा में अधिकतम 20 और मृत्युभोज में सिर्फ 50 लोग ही शामिल हो सकते हैं।