राजधानी भोपाल में वर्षों से लंबित मास्टर प्लान को लेकर सियासत गरमा गई है। भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद बुधवार को 10 नंबर मार्केट में व्यापारियों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार पर मास्टर प्लान लागू करने में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि शहर की व्यावसायिक और आवासीय समस्याओं की सबसे बड़ी वजह यही है।
कांग्रेस सरकार में मसौदा तैयार था
आरिफ मसूद ने कहा कि कांग्रेस की 18 महीने की सरकार के दौरान मास्टर प्लान का मसौदा तैयार हो चुका था और इसे लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी। लेकिन सरकार बदलने के बाद कई साल गुजर गए, फिर भी इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार देरी की वजह क्यों नहीं बता रही।
हर मंच पर उठाया मुद्दा, जवाब नहीं मिला
मसूद ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में तीन बार मास्टर प्लान का मुद्दा उठाया। इसके अलावा दिशा समिति और अन्य बैठकों में भी सरकार का ध्यान इस ओर दिलाया, लेकिन हर बार स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब जनता की आवाज उठाने के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। धरने के दौरान मसूद ने सरकार पर मास्टर प्लान लागू करने में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मास्टर प्लान लागू कर दें तो कांग्रेस उनका सार्वजनिक रूप से स्वागत और धन्यवाद करने के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि जनता को राहत चाहिए, राजनीति नहीं।
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व्यापारियों के साथ किया प्रदर्शन
धरने में बड़ी संख्या में व्यापारी और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मास्टर प्लान नहीं होने से व्यापार, भवन निर्माण और विकास कार्यों से जुड़े कई मामलों में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार जल्द मास्टर प्लान लागू कर शहर को अनिश्चितता से बाहर निकाले।