कांग्रेस और बीजेपी के छात्र संगठन आमने-सामने आ गए हैं। जहां एक तरफ बीजेपी का छात्र संगठन एबीवीपी स्कूलो में सदस्यता अभियान चला रही है, वहीं कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई इसके विरोध में उतर आई है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के छात्र संगठन आमने-सामने आ गए हैं। जहां एक तरफ बीजेपी का छात्र संगठन एबीवीपी स्कूलो में सदयता अभियान चला रही है, वहीं कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई इसके विरोध में उतर आए है। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौक से ने कहा है कि एबीवीपी स्कूलो में हेलो सदस्यता के नाम पर गुंडागर्दी अभियान चल रही है चला रही है।
एनएसयूआई का आरोप,जबरदस्ती सदस्यता अभियान
चौकसे ने कहा है कि पूरे प्रदेश में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा स्कूलों में जाकर जबरदस्ती सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है जोकि पूर्णतः अनुचित है क्योंकि स्कूली अवस्था में स्कूल के छात्र 5 साल से 15 साल की उम्र में होते है , उसे समय छात्रों को अच्छा आचरण सीखने के बजाय एबीवीपी गलत तरीके जबरदस्ती गुंडागर्दी कर करना सीखा रही है एवं मासूम बच्चों के बीच गलत सन्देश दे रही है। चौकसे ने कहा है कि सदस्यता अभियान के नाम पर सरकार एवं आरएसएस के इशारे पर एबीवीपी महज स्कूली बच्चों का राजनीतीकरण करना चाहती है।
शुक्रवार को प्रदेशभर के सभी जिला कलेक्टरों को देंगे ज्ञापन
भोपाल के एक निजी विद्यालय के अध्यापकों के साथ जिस प्रकार से एबीवीपी के गुंडो ने मारपीट की एवं गुंडागर्दी की उससे स्कूली छात्रों के बीच गलत संदेश गया है। एनएसयूआई एबीवीपी के सदस्यता अभियान का विरोध करती है। एक तरफ एनएसयूआई छात्रों के बीच जाकर उन्हें गांधी जी,अंबेडकर जी , स्वामी विवेकानंद ,नेहरू जी के बारे में पढ़ने का काम करती वहीं दूसरी तरफ एबीवीपी छात्रों को कम उम्र में ही गुंडागर्दी की ट्रेनिंग देने का कार्य सरकार के और अधिकारियों से मिलीभगत करके कर रही है। एनएसयूआई शुक्रवार को पूरे प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों से मिलकर इस असमाजिक सदस्यता अभियान पर तत्काल रोक लगाने को मांग करेंगी एवं ज्ञापन सौंपेगी।।