भोपाल में मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ब्रिटेन और जर्मनी की छह दिवसीय विदेश यात्रा से भोपाल लौटने के बाद राजाभोज विमानतल पर आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नीतियों के कारण मध्यप्रदेश को ब्रिटेन में 60 हजार करोड़ और जर्मनी में 18 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपनी विदेश यात्रा के दौरान एक-एक मिनट का उपयोग प्रदेश की बेहतरी के लिए किया। ब्रिटेन और जर्मनी से मिले इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश के विकास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुदृढ़ आर्थिक नीतियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इन नीतियों की वजह से मध्यप्रदेश को इस तरह के निवेश आकर्षित करने में सफलता मिली है।
जहां रोजगार मिलेगा, वहां मध्य प्रदेश सबसे पहले खड़ा दिखाई देगा
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश को अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहने दिया जाएगा। हमारी सरकार लगातार प्रदेश के विकास के लिए काम कर रही है और जहां भी रोजगार मिलेगा, वहां मध्यप्रदेश सबसे पहले खड़ा दिखाई देगा। मुख्यमंत्री ने जर्मनी के निवेश को भी सराहा, विशेषकर अचारपुरा में एक जर्मन कंपनी द्वारा किए गए निवेश का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि जर्मनी की कंपनी ने प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण और सरकार की निवेश-friendly नीतियों को देखकर निवेश किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुआ है और समाज आधारित रिसर्च के लिए एक विश्वविद्यालय से एमओयू भी किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास के लिए आगामी 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा। समारोह में उपमुख्यमंत्री, प्रदेश के मंत्री, पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन किया।
जर्मनी के संग्रहालय में रखे डायनासोर के जीवाश्म का एमपी से संबंध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और जर्मनी के शोधकर्ताओं के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। एमओयू से सतपुड़ा क्षेत्र में पाए गए ट्राइएसिक युग के जीवाश्मों पर संयुक्त रूप से शोध किया जा सकेगा। संग्रहालय में एक बेटी ने बताया कि यहां देख रहे डायनासोर के जीवाश्म का संबंध मध्यप्रदेश से है। उसने बताया कि दस वर्ष तक होशंगाबाद इटारसी सतपुड़ा रिजर्व के जंगलों में शोध कार्य किया है।
गौपालकों को पांच बछिया देंगी सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि पर आधारित उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए हम दूध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमारे यहां दूध उत्पादन क्षमता 9 प्रतिशत है, हम इसे 20 प्रतिशत तक ले जाना चाहते हैं। इसके साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। इसमें हम गौपालकों को पांच बछिया देंगे, वे गाय बनने पर दो गाय अपने पास रखेंगे और तीन गाय हम खरीदेंगे। जिसके विक्रय और दूध उत्पादन से होने वाली आय से उनकी आमदनी में वृद्धि होगी।