दिल्ली के लाल किले में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य महामंचन का द्वितीय दिन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विरासत से विकास की ओर’ के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए राज्य सरकार अपनी धरोहर के गौरवशाली पृष्ठों को समाज के सामने लाने के अभियान में लगी हुई है। इसी क्रम में लाल किले के ऐतिहासिक स्मारक में सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य जैसे सपूतों पर भारत माता हमेशा गर्व करते आई है, जिन्होंने हर काल में स्वतंत्रता और सनातन परंपरा की रक्षा की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य ने शक और हूण जैसे आक्रांताओं को परास्त कर सुशासन स्थापित किया। राजा राम के बाद सम्राट विक्रमादित्य का काल विनम्रता से शासन करना सिखाता है। सम्राट विक्रमादित्य जैसे महानायक इतिहास नहीं बनते, इतिहास बनाते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने महानाट्य मंचन के मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा का स्वागत करते हुए कहा कि नड्डा मध्यप्रदेश के दामाद होने के नाते उनका प्रदेश से विशेष प्रेम और लगाव है। नड्डा के मार्गदर्शन में प्रदेश विकास की राह पर अग्रसर है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का जब भी मंचन हुआ है, श्री नड्डा ने हमेशा अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्रीद्वय जगदीश देवड़ा और राजेन्द्र शुक्ल, संस्कृति और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, केंद्रीय महिला और बल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा समेत अन्य लोग उपस्थित थे। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य स्थल पर प्रदर्शनियों का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन कर अवलोकन किया।
एमपी के मजेदार व्यंजनों का लुत्फ
सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य महामंचन के दौरान माधवदास पार्क में फूड कोर्ट भी लगाया गया है। यह फूड कोर्ट मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने लगाया है। लोगों ने फूड कोर्ट में प्रदेश के विभिन्न अंचलों के पकवान- बघेलखंडी निमोना, मालवा की कॉर्न पेटिस और भुट्टे की कीस, इंदौरी पोहा और विंध्य की इंद्रहार-कढ़ी-भात का जमकर लुत्फ उठाया। दर्शकों ने प्रदेश के विशिष्ट पेय जैसे सन्नाटा, नींबू पुदीना, आम पना, सब्जा शिकंजी, गुलाब लस्सी, कुल्हड़ चाय, प्रसिद्ध मिष्ठान जैसे मावा बाटी, जलेबी और श्रीअन्न व्यंजन जैसे कोदो भात, कुटकी गुड खीर और सवां खीर का भी आनंद उठाया।
कल भी होगा महानाट्य का महामंचन
सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य महामंचन 14 अप्रैल को भी होगा। बता दें, मध्यप्रदेश शासन ‘विक्रमोत्सव 2025’ का आयोजन कर रहा है। इसी के तहत इस कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। प्रदेश सरकार अतीत के गौरवशाली नायकों के जीवन के अलग-अलग पहलुओं को जनता के सामने लाने की कोशिश कर रही है। विक्रम संवत के प्रवर्तक सम्राट विक्रमादित्य का शासन काल भारतीय साहित्य, ज्योतिष, आयुर्वेद, गणित और चिकित्सा विज्ञान का स्वर्णिम युग रहा है।