मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में दो अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में संशोधन को मंजूरी दी गई, वहीं प्रदेश के टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए 145 करोड़ रुपये की नई योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब योजना के अंतर्गत लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं और जिनका बीपीएल पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य होगा। योजना के तहत प्रति कन्या 55,000 रुपए की सहायता राशि में से 49,000 रुपए अकाउंट पेयी चेक के माध्यम से वधू को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से दिए जाएंगे, जबकि शेष 6,000 रुपए आयोजन व्यय के लिए संबंधित निकाय को दिए जाएंगे।
सामूहिक विवाह कार्यक्रमों की संख्या पर भी स्पष्टता लाई गई है -अब प्रत्येक कार्यक्रम में न्यूनतम 11 और अधिकतम 200 जोड़ों का विवाह कराया जा सकेगा। संभागवार वार्षिक कैलेंडर के अनुसार ये आयोजन किए जाएंगे। आवेदन की स्क्रूटनी निकाय स्तर पर होगी और सभी वर-वधू की आधार आधारित ई-केवाईसी आवश्यक होगी। सरकार ने इन आयोजनों को सामाजिक सहभागिता से जोड़ते हुए जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ की योजना
कैबिनेट ने 2025-26 से 2027-28 तक के लिए ‘टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास’ नामक नई योजना के लिए 145 करोड़ रुपए की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए चेन लिंक फेंसिंग, अग्नि सुरक्षा, चारागाहों और जल स्रोतों का विकास, तथा वन्य प्राणियों के स्वास्थ्य परीक्षण जैसे कार्य किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त स्थानीय नागरिकों के कौशल उन्नयन हेतु प्रशिक्षण भी दिए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में रोजगार और जागरूकता दोनों को बढ़ावा मिलेगा। बता दें कि पिछले 4 वर्षों में प्रदेश में बाघों की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है, जो वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।