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Bhopal: भोपाल में प्रसव के बाद महिला की निजी अस्पताल में मौत, लापरवाही का आरोप, परिजनों ने किया जम कर हंगामा

Mon, 16 Jun 2025 10:18 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसे लेकर परिजन ने हंगामा कर दिया। उनका आरोप है कि वह पूरी तरह स्वस्थ थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने जबरन उसे वेंटिलेटर पर रखा। 
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अस्पताल के बाहर परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसे लेकर परिजन ने हंगामा कर दिया। उनका आरोप है कि वह पूरी तरह स्वस्थ थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने जबरन उसे वेंटिलेटर पर रखा। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। इस दौरान स्टाफ ने परिजनों से बदसलूकी की, जिसका वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक घटना बैरागढ़ के कृष्णानी हॉस्पिटल में रविवार देर रात की हैं। नेहा खरे 34 ने 13 जून को बेटी को जन्म दिया था। महिला के परिजनों का कहना है कि वह वेंटिलेटर पर जाने से पूर्व ठीक थी, बातें कर रही थी। जब उसे वेंटिलेटर पर ले जाने को कहा गया तो उसने स्वयं जवाब दिया कि मुझे कोई परेशानी नहीं है। उस दौरान एक सिस्टर ने उसे जवाब दिया कि तुम जानकार हो कि हम और जबरन बहन को वेंटिलेटर पर लिया गया। इसके बाद वहीं हुआ जिसका बहन को डर था। हालाकिं अस्पताल प्रबंधंन का कहना है कि गलत आरोप लगाया जा रहा है। 
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यह है पूरा मामला
नेहा खरे पत्नी शानू खरे, जहांगीराबाद की बापू कॉलोनी में रहती थीं। सात साल पहले उनकी शादी हुई थी और उनका पांच साल का बेटा है। शानू नगर निगम में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। 12 जून को नेहा को बैरागढ़ स्थित कृष्णानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 13 जून को ऑपरेशन के जरिए उन्होंने दूसरी बेटी को जन्म दिया। बच्ची बेहद कमजोर थी, इसलिए उसे दूसरे अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती किया गया। इसी बीच रविवार रात नेहा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
परिजन ने बताया कि हमें अस्पताल की गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं। लिहाजा हमने नेहा को वेंटिलेटर पर ले जाते समय और बाद में वीडियो बनाए। यह देख अस्पताल स्टाफ लगातार धमकाता रहा। वीडियो बनाने का विरोध किया और पिटवाने की धमकी तक दी। हमारे साथ जबरन बदसलूकी की गई। अस्पताल प्रबंधन पर वीडियो के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। वीडियो हमने बैरागढ़ पुलिस को भी दिया है।
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ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था
कृष्णानी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. लालकुमार कृष्णानी ने बताया कि महिला हॉस्पिटल की पुरानी पेशेंट थी। उसके पहले बच्चे की डिलीवरी भी हमारे ही हॉस्पिटल में हुई थी। दूसरी डिलीवरी सिजेरियन थी, एक दिन महिला ठीक रही। अगले दिन उसका सैचुरेशन लगातार डाउन हो रहा था। ऑक्सीजन सपोर्ट पर उसे रखा गया, लेकिन वह सर्वाइव नहीं कर सकी। उसे पहले ही डायबिटीज थी। अस्पताल प्रबंधन पर अभद्रता के आरोप निराधार हैं।
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