विधायक कमलेश्वर डोडियार और विधायक महेश परमार विरोध प्रदर्शन करते हुए
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विधानसभा में शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन है। बाप पार्टी से विधायक कमलेश्वर डोडियार मौन धारण की मुद्रा में दिखाई दिए। कमलेश्वर डोडियार पीला कपड़ पलेटकर और मुंह को कागज से बंद करके मौन धारण करकरे बैठे गए। डोडियार का कहना है कि उन्हें विधानसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इसलिए वे विधानसभा के बाहर मौन धारण करके बैठे है। वहीं उज्जैन से कांग्रेस विधायक महेश परमार अनोखा प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए। कांग्रेस विधायक महेश परमार गले में शराब की बोतलों की माला पहनकर विधानसभा पहुंचे।
डॉक्टर पर गाली देने का आरोप
विधायक कमलेश्वर डोडियार को रतलाम के बंजली में आंदोलन करने से पहले गिरफ्तार कर लिया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें और उनके समर्थकों को चौथे दिन जमानत मिल गई थी। पुलिस ने डोडियार समेत 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था। कमलेश्वर डोडियार ने जेल से रिहा होने के बाद जिला अस्पताल के एक डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए कहा थ कि 5 दिसंबर को अस्पताल के डॉक्टर ने मुझे गालियां दी थी, मुझे अपमानित किया था, इसी को लेकर पूरा आदिवासी समाज रतलाम में आंदोलन करने जा रहा था। हमने आंदोलन से पहले डॉक्टर के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन डॉक्टर को सस्पेंड नहीं किया गया। हम 11 दिसंबर को आंदोलन करने वाले थे। हम शांतिपूर्वक आंदोलन करने वाले थे, लेकिन सरकार ने तानाशाही तरीके से मुझे 11 तारीख को गिरफ्तार कर लिया गया। मुझे और मेरे समर्थकों को ेस4 दिनों तक जेल में रखा गया। जिससे आदिवासी समाज में रोष है। डोडियार ने आगे कहा था कि में विधानसभा में मामले में अपनी बात रखूंगा।
कांग्रेस विधायक का शराब घोटाले को लेकर प्रदर्शन
उज्जैन से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने विधानसभा में शराब की बोतलों की माला पहनकर प्रदर्शन करते हुए कहा है कि प्रदेश में शराब के घोटाले चल रहे है। प्रदेश में दिल्ली से भी बड़े धोटाले हो रहे है, लेकिन सरकार सो रही है। हर जिले में करोड़ों के शराब घोटाले हो रहे है। कांग्रेस के इस अनोखे प्रदर्शन को लेकर बीजेपी ने कहा है कि सदन में इस तरह से शराब की बोतले ले जाना उचित नहीं है। सदन में जहां गांधी जी की प्रतिमा लगी है वहां शराब की बोतलों की माला पहनकर कांग्रेस जा रहे है। कांग्रेस विधायकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।