पुराने शहर में मोती मस्जिद के सामने लगाए गए बैरिकेड्स को लेकर शुक्रवार को व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। चौक, लखेरापुरा और आसपास के बाजारों के व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं और सड़क पर धरना देकर बैरिकेड्स हटाने की मांग की। उनका कहना है कि रास्ता बंद होने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि कई बार पुलिस और प्रशासन से बैरिकेड्स हटाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में बाजार बंद कर आंदोलन शुरू किया गया।
बैरिकेड्स हटने तक जारी रहेगा आंदोलन
व्यापारी संघ के अध्यक्ष अभिषेक जैन ने कहा कि जब तक मोती मस्जिद के सामने लगे बैरिकेड्स नहीं हटाए जाते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इससे पहले व्यापारियों ने पुलिस और प्रशासन को रैली निकालकर भी अपनी नाराजगी जताई थी और समाधान की मांग की थी।
धरने में भोपाल व्यापारी महासंघ, सराफा एसोसिएशन, राजधानी वस्त्र व्यवसायी संघ, ओल्ड भोपाल होलसेल रेडीमेड संघ, आजाद मार्केट व्यापारी संघ, नदीम रोड व्यापारी संघ और इब्राहिमपुरा व्यापारी संघ सहित कई संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
लंबा चक्कर लगाने को मजबूर वाहन
व्यापारियों का कहना है कि इकबाल मैदान चौराहे पर बैरिकेडिंग होने के कारण भोज सेतु की ओर से आने वाले वाहन सीधे चौक और लखेरापुरा नहीं पहुंच पाते। उन्हें सदर मंजिल और चिरायु अस्पताल की ओर से लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। इससे बाजारों में ग्राहकों की संख्या घटी है और व्यापार प्रभावित हो रहा है।
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दमकल भी फंसी थी जाम में
व्यापारियों ने बताया कि 1 अगस्त को चौक बाजार की एक कपड़ा दुकान में लगी आग के दौरान भी बैरिकेडिंग के कारण दमकल वाहन समय पर मौके तक नहीं पहुंच सके थे। उनका कहना है कि इस घटना के बाद भी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया। पुलिस का कहना है कि मोती मस्जिद के सामने कई वाहन चालक गलत दिशा में पीरगेट की ओर प्रवेश कर रहे थे, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। इसी वजह से यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए हैं।