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Eid-ul-Azha: भोपाल में ईद-उल-अजहा पर हजारों लोगों ने नमाज अदा की, मुल्क और फिलिस्तीन के लिए की दुआ

Sat, 07 Jun 2025 08:55 AM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

Eid-ul-Azha: भोपाल में ईद-उल-अजहा पर सुबह से ही मस्जिदों में भीड़ देखी गई। इस मौके पर हजारों मुसलमानों ने नमाज अदा कर मुल्क और फिलिस्तीन के लिए दुआ की। भोपाल की विभिन्न मस्जिदों में अपने निर्धारित समय पर नमाज अदा की गई।

 
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नमाज अदा करते लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज देशभर में ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया जा रहा है। राजधानी भोपाल में भी इसे लेकर विशेष तैयारी की गई है। सुबह से ही मस्जिदों में भीड़ देखी गई। इस मौके पर हजारों मुसलमानों ने नमाज अदा कर मुल्क और फिलिस्तीन के लिए दुआ की। भोपाल की मोती मस्जिद, जामा मस्जिद, मस्जिद बिल्किस जहां (आरिफ नगर) सहित शहर की विभिन्न मस्जिदों में भी अपने निर्धारित समय पर नमाज अदा की गई। ईदगाह में शहरकाजी मुश्ताक अली नदवी, ताजुल मसाजिद में मौलाना हस्सान साहब ने नमाज पढ़ाई। नमाज के दौरान मुल्क की सलामती, इंसाफ के कयाम और बीमारों की शिफा, फिलिस्तीनी भाइयों की हिफाजत, उनकी भूख-प्यास और हालात को लेकर दुआ मांगी गई।
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जाने नमाज का क्या रहा समय
भोपाल की ईदगाह में नमाज का समय सुबह 6:30 बजे था, इसके बाद ताजुल मसाजिद में 6:45 बजे, जामा मस्जिद में 7 बजे, मोती मस्जिद में 7:15 बजे और मस्जिद बिल्किस जहां (आरिफ नगर) में 7:30 बजे ईद की नमाज अदा की गई।


मोहब्बत वाली राह पर चलाने की दुआ
शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने अमनो अमान और अच्छी बारिश के साथ ईद की नमाज का समापन किया। शहरकाजी मुश्ताक अली नदवी और ताजुल मसाजिद में मौलाना हस्सान साहब ने सूफियों, ऋषि-मुनियों और बुजुर्गों की मोहब्बत वाली राह पर चलाने की दुआ मांगी।
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दुआ में शामिल प्रमुख बिंदु

1- मुल्क में अमन-ओ-शांति और इंसाफ कायम हो, इसकी दुआ की गई।
2- मुल्क की सरहदों और सलामती के दुश्मनों से हिफाजत की दुआ मांगी गई।
3- बीमारों को शिफा और परेशान हाल लोगों को राहत देने की इल्तिजा की गई।
4- फिलिस्तीन में जुल्म झेल रहे मासूमों, भूख-प्यास से जूझ रहे बच्चों और औरतों की राहत के लिए दुआ की गई।
5- दुश्मनों के नेस्तनाबूद होने और मजलूमों को सब्र और राहत मिलने की कामना की गई
6- उलेमा-ए-इकराम, सूफियों, ऋषियों और बुजुर्गों की तरह मोहब्बत और प्रेम से जीने की खता (तौफीक) फरमा।
7- मुल्क में अमन, इंसाफ और भाईचारा कायम रहे।
8- मजलूमों को सब्र और पूरी दुनिया में इंसानियत को फतह हासिल हो।


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कुर्बानी के स्थान को चारों ओर से ढंका जाए
शहर काजी नदवी ने कहा कि कुर्बानी इस्लाम का एक अहम फर्ज है, लेकिन इसे सलीके और सलीम तरीके से अंजाम देना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कुर्बानी के स्थान को चारों ओर से ढंका जाए, सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और प्रशासनिक नियमों का पालन किया जाए।

 
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