राजधानी भोपाल में बढ़ रही झुग्गियों को तोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। लेकिन कांग्रेस इन झुग्गियों को तोड़ने का विरोध कर रही है। दरअसल भोपाल में 1800 एकड़ में फैली कुल 388 झुग्गी हटाने के प्रयास फिर से शुरू हुए हैं। सबसे पहले वल्लभ भवन के आसपास की झुग्गी हटेगी, इसके लिए सर्वे पूरा हो गया है। बुधवार को पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि सड़क से लेकर सदन गरीबों के हक़ की लड़ाई लड़ी जाएगी, सरकार पहले लोगों को पक्के मकान बनाकर दें।
झुग्गी मुक्त के नाम पर आवास मुक्त करने का विरोध
पीसीसी शर्मा ने इस दौरान कहा कि झुग्गी मुक्त के नाम पर आवास मुक्त करने का हम विरोध करते हैं। पूर्व मंत्री शर्मा वल्लभ नगर में बस्ती के सामने लोगों से मिलने पहुंचे थे। इससे पहेल पीसी शर्मा झुग्गियों को हटाने के विरोध में पांच नंबर मार्केट में भी धरना दे चुके हैं। इस दौरन निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी, पार्षद योगेंद्र सिंह चौहान, शोएब खान, कांग्रेस झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष निकेश सिंह चौहान, पूर्व पार्षद दिलीप राय, वार्ड अध्यक्ष राम सुशील सेन, नईम बैग, मिलिंद खंडेले, रईस खान, बाबर खान आदि भी मौजूद थे।
इसलिए सरकार ने झुग्गियों को हटाने का बनाया प्लान
जानकारी के लिए बतादें कि राजधानी भोपाल के रोशनपुरा बस्ती, बाणगंगा, भीम नगर, विश्वकर्मा नगर जैसी 8 झुग्गी-बस्तियां शहर के बीच प्राइम लोकेशन पर करीब 300 एकड़ में फैली हैं। इनके अलावा राहुल नगर, दुर्गा नगर, बाबा नगर, अर्जुन नगर, पंचशील, नया बसेरा, संजय नगर, गंगा नगर, बापू नगर, शबरी नगर, ओम नगर, दामखेड़ा, उड़िया बस्ती, नई बस्ती, मीरा नगर जैसी कुल 388 बस्तियां शहर में हैं। इन सबकी जमीन का हिसाब लगाए तो यह करीब 1800 एकड़ के आसपास हैं। इनमें से ज्यादातर पॉश इलाकों में ही हैं। दरअसल भोपाल को झुग्गी मुक्त करने के लिए करीब तीन महीने पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने मीटिंग की थी। उन्होंने झुग्गियों को हटाने के लिए विस्तृत प्लान बनाने को कहा था। उन्होंने कहा था कि पहले भवन तैयार करें। फिर झुग्गियों को खाली कराए, ताकि लोगों को परेशानी न हो।