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Bhopal: कांग्रेस के पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में बनी रणनीति,फर्जी वोटरों का डेटा जुटाने की दी जिम्मेदारी

Wed, 13 Aug 2025 07:39 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के राजनीतिक मामलों की समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, जनता से जुड़े मुद्दों, वोट चोरी के खिलाफ संघर्ष, संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
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पीसीसी में बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीसीसी में बुधवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस के पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में हुई। बैठक में प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, जनता से जुड़े मुद्दों, वोट चोरी के खिलाफ संघर्ष, संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में पार्टी नेताओं से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र के विधानसभा और लोकसभा चुनाव के फर्जी वोटर्स का डेटा दें। कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में मुख्य रूप से वोटों की चोरी के मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि बीजेपी और इलेक्शन कमीशन अलग-अलग नहीं, दोनों एक ही हैं। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, संजय दत्त, फूल सिंह बरैया, बाला बच्चन, ओंकार सिंह मरकाम, एनपी प्रजापति, सुखदेव पांसे, अरुण यादव, विभा पटेल, सज्जन सिंह वर्मा, प्रवीण पाठक, नीटू सिकरवार मौजूद रहे।
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जीतू पटवारी नहीं किया वोटरों के गड़बड़ी का खुलासा 
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कुछ दिन पहले ट्वीट कर कहा था कि वे मध्य प्रदेश में चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट में हुई गड़बड़ी का बड़ा खुलासा 13 अगस्त को करेंगे। लेकिन पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक के बाद उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा वेबसाइट बंद होने की वजह से अभी खुलासा नहीं कर रहे हैं। इसके लिए कुछ और समय लगेगा। उन्होंने कहा है कि हमारे पास सारे प्रमाण है। 60 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में गड़बड़ी की गई है। उन्होंने कहा कुछ दिनों में इसे लेकर हम कोर्ट जाएंगे और मीडिया के सामने भी रखेंगे।
 
एमपी चुनाव आयोग की वेबसाईट बंद
बैठक ने बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रेसवार्ता कर वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग को जम कर घेरा। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि जब से राहुल गांधी ने ये मुद्दा उठाया है, एमपी चुनाव आयोग की वेबसाइट बंद कर दी गई है। उन्होने इसका प्रमाण भी दिखाया और कुछ देर बाद ही वेबसाइट चालू हो गई तो दोबारा कहा कि यह हमारा दबाव है। लेकिन थोड़ी देर में फिर से बंद हो गई तो कहा कि इससे बड़ा प्रमाण और क्या हो सकता है। 
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लोकतंत्र और संविधान की निर्णायक लड़ाई
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार लगातार देश के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया में किए गए बदलाव को लेकर जो आशंकाएं पहले जताई गई थीं, आज वे सत्य सिद्ध हो रही हैं। कांग्रेस पार्टी आम मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है और इस संघर्ष को मजबूती से आगे बढ़ा रही है।
 
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संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल
राज्यसभा सांसद विवेक तनखा ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सत्य और न्याय की लड़ाई लड़ी है। आज पूरा देश जानना चाहता है कि क्या चुनाव आयोग संविधान और लोकतंत्र के साथ खड़ा है, या किसी एक राजनीतिक दल के पक्ष में। चुनाव आयोग का कार्य जनसुविधा सुनिश्चित करना है, न कि नागरिकों के लिए कठिनाइयां खड़ी करना।नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इलेक्शन कमीशन कहता है "वोट आपका है, वोट देना आपका अधिकार है लेकिन भाजपा का नारा बन गया है फर्जी वोट हमारा, फर्जी जनादेश की सरकार हमारी।
 
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बैठक में तैयार किया गया कार्यक्रम
- काग्रेस प्रदेश भर में वोट चोरी, गद्दी छोड़ो अभियान चलाएगी।
- 14 अगस्त को रात 8 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
- 22 अगस्त से 7 सितंबर तक पूरे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रैली निकाली जाएगी ।
- 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।घर-घर पहुंच कर कांग्रेस लोगों को जोड़ने का प्रयास करेंगे।
- अलग-अलग कमेटी बनाकर जिम्मेदारी दी जाएगी। कमेटी के जरिए अलग-अलग मुद्दे बनाकर सरकार को घेरा जाएगा।
- सामुदायिक नेता, स्थानीय प्रभावशाली नेता को हस्ताक्षर अभियान में भागीदारी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
 
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