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Bhopal: भोपाल में 27 से 30 दिसंबर तक विज्ञान मेले का आयोजन,विज्ञान के विद्यार्थियों, शिक्षकों के लिए रहेगा खास

Sun, 22 Dec 2024 08:13 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में 27 से 30 दिसंबर तक विज्ञान मेले का आयोजन किया जाएगा। यह विज्ञान के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कारीगरों के लिए खास रहेगा। रविवार को जंबूरी मैदान पर इसका भूमि पूजन किया गया।
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विज्ञान मेंले को लेकर प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी विज्ञान मेले का आयोजन 27 से 30 दिसंबर तक किया जाएगा। रविवार को जंबूरी मैदान पर इसका भूमि पूजन किया गया। रविवार को भोपाल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के निदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने बताया कि यह मेला विज्ञान भारती मध्य भारत प्रांत एवं मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाता है।मेले में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्थानीय, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और वैश्विक विकास के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है। यह मेला बीवीएम विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों, किसानों, कारीगरों, उद्यमियों और आम जनता को आकर्षित करता है और उनके बीच आपसी संवाद का एक सशक्त और सुलभ मंच प्रदान करता है। 
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विज्ञान भारती मध्य भारत प्रांत के अध्यक्ष  डॉ.अमोघ गुप्ता ने बताया कि यह मेला बीवीएम आत्मनिर्भर भारत अभियान के उद्देश्यों की प्राप्ति में महत्त्वपूर्ण योगदान देगा और स्वतंत्र भारत की विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा। बीवीएम-2024 का केंद्रीय विषय "विकसित भारत 2047, का आधार: विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार" है। बीवीएम एक ऐसा अद्वितीय मंच प्रदान करता है जो संवाद के अवसर तो प्रदान करता ही है, साथ ही अत्याधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी गतिविधियों का दुर्लभ अनुभव भी देता है। 11वां भोपाल विज्ञान मेला (BVM-2024) इस वर्ष 27 से 30 दिसंबर 2024 तक जंबुरी मैदान, भोपाल (म.प्र.) में आयोजित किया जाएगा।

मेले में यह रहेगा मुख्य आकर्षण
कोठारी ने बताया कि बीवीएम के प्रमुख आकर्षणों में वर्तमान विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हो रही प्रगति, ग्रामीण प्रौद्योगिकी, विद्यार्थियों-वैज्ञानिकों का संवाद, उद्घाटन सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि शामिल हैं। इसमें विभिन्न विषयों पर आधारित पविलियन्स जैसे क्रिएटिव लर्निंग सेंटर, प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी पविलियन, हस्तशिल्प पविलियन, औषधीय पौधों का पविलियन, कृषि-प्रौद्योगिकी पविलियन, प्रमुख वैज्ञानिकों की जीवनी पर पविलियन, विभिन्न सरकारी योजनाओं पर पविलियन आदि भी होंगे। विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तर के संगठन/संस्थाएँ जैसे डीएई, इसरो, डीआरडीओ, ब्रह्मोस, एनटीपीसी, एनएचडीसी, सीआईएल, सीएसआईआर प्रयोगशालाएं और कृषि परिषदें अपने सफलतापूर्वक किए गए कार्यों और नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित की जा रही हैं। 
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