मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। जहां प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा के बाद नेताओं ने विरोध शुरू किया था, वहीं अब मीडिया विभाग के प्रवक्ताओं की नई लिस्ट जारी होने के बाद विरोध शुरू हो गया। हालांकि कोई नेता खुलकर विरोध करें इससे पहले ही पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने चालाकी दिखाते हुए जारी लिस्ट को स्थगित कर दिया है। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लिस्ट जारी होने बाद विरोध शुरू हुआ और दिल्ली से फोन आया जिसके बाद लिस्ट को कैंसिल कर दिया गया।
पार्टी को मजबूत करने में जुटी कांग्रेस
दरअसल मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी तहर-तरह के प्रयोग कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर अपने जड़ों को मजबूत कर ने का प्रयास कर रहे है। इसी कड़ी में पटवारी मीडिया विभाग की नई टीम बनाना चाहते हैं। जो पूरी दमदारी से पार्टी का पक्ष रख सके। इसी के चलते 34 लोगों की घोषणा की थी जिसमे 8 अन्य पिछड़ा वर्ग ,7 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के साथ साथ 7 महिलाओं के नाम शामिल है। हालांकि सूची जारी होने के कुछ ही समय के बाद कांग्रेस ने इसे स्थगित कर दिया गया। और दूसरी प्रेसनोट जारी कर दी गई।
पुराने लोगों को किया था दरकिनार
जानकारी के अनुसार पीएससी के जीतू पटवारी द्वारा जारी लिस्ट में कई पुराने लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए थे। इस वजह से सूची को रोका गया। बता दें कि कांग्रेस मीडिया विभाग की नई टीम में सिद्धार्थ सिंह राजावत, विक्की खोंगल, कुंदन पंजाबी, फिरोज सिद्दकी को जगह दी गई थी। वही संगीता शर्मा, आरपी सिंह, नीलाभ शुक्ला को भी बाहर कर दिया गया। 11 नेता जिनके पास पार्टी के अन्य दायित्व है उन्हें भी मीडिया विभाग से मुक्त कर दिया गया। तो वही नई टीम में विधायक रामसिया भारती को पार्टी प्रवक्ता बनाया गया था। बाहर किए गए एक प्रवक्ता का कहना है कि जो लोग काम कर रहे हैं उन्हे बाहर किया जा रहा है। कई ऐसे लोग हैं जिनके पास दूसरे पद भी हैं। अब देखना होगा की जीतू पटवारी नई टीम को कैसे मैनेज करते हैं।