राजधानी के हुजूर विधानसभा क्षेत्र की कटारा हिल्स स्थित स्वर्ण कुंज कॉलोनी में वर्षों से बदहाल सड़क और जलभराव से परेशान रहवासियों का सब्र आखिरकार टूट गया। लोगों ने सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ में धान के पौधे रोपकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के जरिए रहवासियों ने सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी समस्या की ओर खींचने की कोशिश की। कार्यक्रम का आयोजन महेश वशिष्ठ ग्रामीण मंडल कांग्रेस के नेतृत्व में किया गया।
20 साल पुरानी स्वर्ण कुंज कॉलोनी
रहवासियों का कहना है कि करीब 20 साल पुरानी स्वर्ण कुंज कॉलोनी की सड़क पिछले 15 वर्षों से जर्जर पड़ी हुई है। हर बारिश में पूरी सड़क तालाब जैसी बन जाती है। जगह-जगह बड़े गड्ढों में पानी भर जाता है और सड़क कीचड़ में बदल जाती है। ऐसे हालात में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ रही है।
दो बार भूमि पूजन, फिर भी सड़क नहीं बनी
रहवासियों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के लिए क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा दो बार भूमि पूजन किया गया, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। हर चुनाव में सड़क बनाने का आश्वासन मिलता है, लेकिन बारिश आते ही लोगों को फिर उसी बदहाल सड़क से गुजरना पड़ता है।
गड्ढों में धान रोपकर जताया विरोध
लगातार अनदेखी से नाराज लोगों ने सड़क के गड्ढों और कीचड़ को ही खेत का रूप दे दिया। रहवासियों ने धान के पौधे रोपकर यह संदेश दिया कि जब सड़क नहीं बन रही, तो इसे खेती के लिए ही इस्तेमाल कर लिया जाए। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी भी जताई।
रहवासी बोले- रोज खतरा उठाकर निकलना पड़ता है
स्थानीय निवासी नर्मदा प्रसाद विश्वकर्मा ने बताया कि वह पिछले 15 साल से कॉलोनी में रह रहे हैं। सड़क पर बने गड्ढों और कीचड़ के कारण हर दिन लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है, वाहन फंस जाते हैं और कई बार लोग गिरकर घायल भी हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए दो बार भूमि पूजन हुआ, लेकिन आज तक एक ईंट भी नहीं लगी। मजबूर होकर रहवासियों को सड़क पर धान रोपकर विरोध करना पड़ा।
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रहवासियों की मांग
- स्वर्ण कुंज कॉलोनी की सड़क का जल्द निर्माण कराया जाए।
- जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए।
- बारिश में जलभराव और कीचड़ की समस्या का तुरंत समाधान किया जाए।
- वर्षों से लंबित सड़क निर्माण कार्य की समय-सीमा घोषित की जाए।