फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhopal: शरीर में वसा जमा होने की दुर्लभ बीमारी पर एम्स भोपाल में रिसर्च, शोधकर्ता को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

Sun, 28 Sep 2025 04:57 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

एम्स भोपाल की डॉ. पूजा सोनी को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें 22वें ICMR कोर्स ऑन मेडिकल जेनेटिक्स एंड जेनेटिक काउंसलिंग में मिला, जो एसजीपीजीआईएमएस लखनऊ में आयोजित किया गया।
विज्ञापन
डॉ. पूजा सोनी टीम के साथ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शरीर के अंदर चुपचाप वसा जमा करने वाली एक दुर्लभ बीमारी पर रिसर्च कर रही एम्स भोपाल की डॉ. पूजा सोनी को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें 22वें ICMR कोर्स ऑन मेडिकल जेनेटिक्स एंड जेनेटिक काउंसलिंग में मिला, जो एसजीपीजीआईएमएस लखनऊ में आयोजित किया गया। गौरतलब है कि डॉ. पूजा सोनी, जो एम्स भोपाल के शिशु रोग विभाग में रेजिडेंट हैं और जेनेटिक्स फेलोशिप प्रोग्राम का हिस्सा हैं, उन्होने अपने शोध में गॉचर रोग (Gaucher's Disease) पर गहराई से काम किया। यह एक ऐसा लाइलाज और विरल आनुवांशिक विकार है, जिसमें शरीर एक खास प्रकार की वसा को तोड़ नहीं पाता, और यह वसा धीरे-धीरे प्लीहा, यकृत और हड्डियों के अंदर जमा होने लगती है।
विज्ञापन



बीमारी जो दिखती नहीं, लेकिन असर गहरा छोड़ती है
गॉचर रोग का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि यह कई बार साधारण लक्षणों के पीछे छुपा रहता है- जैसे थकान, हड्डियों में दर्द, पेट का फूलना, या बार-बार संक्रमण होना। कई बार इसका पता तब तक नहीं चलता, जब तक स्थिति गंभीर न हो जाए। डॉ. सोनी ने बताया कि समय पर पहचान और निदान से इस बीमारी को काबू में लाया जा सकता है। लेकिन भारत में इसकी जानकारी बेहद सीमित है, जिसके कारण कई बच्चे और परिवार देर से इलाज तक पहुंच पाते हैं।

यह भी पढ़ें-भोपाल में दशहरे के बाद आरएसएस का पथ संचलन, 2 अक्टूबर से शुरू होंगे कार्यक्रम
विज्ञापन


शोध चिकित्सकों के लिए एक गाइड की तरह
अपने अध्ययन में डॉ. सोनी ने गॉचर रोग से पीड़ित बच्चों की केस स्टडीज, निदान की चुनौतियां और संभावित उपचार विधियों को उजागर किया। उनका यह शोध चिकित्सकों के लिए एक गाइड की तरह है, जो भविष्य में इस बीमारी के शीघ्र निदान और बेहतर प्रबंधन में मदद करेगा।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-प्रदेश के 4 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, अन्य जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अनुमान

अपने बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क का संदेश
डॉ. सोनी का कहना है कि हर माता-पिता को अपने बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना चाहिए। अगर कोई लक्षण बार-बार दिख रहा है, तो डॉक्टर से राय लेने में देर न करें। कुछ बीमारियां दिखती नहीं, लेकिन धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खोखला कर देती हैं। यह सम्मान न सिर्फ एक डॉक्टर की मेहनत की पहचान है, बल्कि एक दुर्लभ बीमारी की ओर समाज का ध्यान खींचने का जरिया भी है। ऐसे शोध हमें बताते हैं कि स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूकता और समय पर पहचान ही सबसे बड़ा इलाज है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें