राजधानी भोपाल में कलेक्टर गाइडलाइन में जमीनों के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल होल्ड पर जाता नजर आ रहा है। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने बुधवार को वित्त मंत्री एवं डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा से मुलाकात की और भोपाल में कलेक्टर गाइडलाइन के अंतर्गत जमीनों के प्रस्तावित मूल्य वृद्धि को जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर लागू करने का आग्रह किया। आलोक शर्मा ने वित्त मंत्री देवड़ा को जमीनों के बढ़े हुए भाव को लेकर लिखित शिकायत भी की। अब जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा करने के बाद ही कलेक्टर गाइडलाइन पर अंतिम मुहर लगेगी। जनप्रतिनिधियों के साथ अगली बैठक के बाद ही भोपाल में जमीनों के बढ़े हुए दामों को लेकर फैसला होगा।
शहर में 243 स्थानों पर जमीन की कीमतें बढ़ाना जनहित में नहीं
डिप्टी सीएम से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि वित्त मंत्री ने भोपाल में कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाने पर फिलहाल रोक लगा दी है। शहर में 243 स्थानों पर जमीन की कीमतें बढ़ाना जनहित में नहीं है। उन्होंने वित्त मंत्री को पहले पत्र लिखकर इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। सांसद ने यह भी बताया कि वे केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड और जिला मूल्यांकन समिति के सदस्य एवं विधायक भगवानदास सबनानी से भी इस विषय पर चर्चा करेंगे। सबनानी ने अपने क्षेत्र की 13 जगहों पर बढ़ाई गई दरों पर पुनर्विचार का सुझाव दिया था।
साल में दूसरी बार जमीन की दरों में वृद्धि से पड़ेगा असर
सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि साल में दूसरी बार जमीन की दरों में वृद्धि से सरकार की योजनाओं और नीतियों पर असर पड़ता है। लगातार बढ़ रही जमीन की कीमतें न तो राजस्व में वृद्धि कर रही हैं, न ही निवेश आकर्षित कर रही हैं। सांसद का मानना है कि जमीन की कीमतों को स्थिर रखा जाए ताकि मध्य प्रदेश में निवेश का माहौल बना रहे। बेहतर होगा रेट ना बढ़ाई जाए।
किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट का महत्वपूर्ण
मध्य प्रदेश बिल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज सिंह मेख ने भी कलेक्टर गाइडलाइन की दरों में वृद्धि का विरोध किया। मेख ने कहा कि बढ़ी हुई दरें राज्य में निवेश को हतोत्साहित कर सकती हैं। उनका कहना था कि किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट का महत्वपूर्ण स्थान होता है और कलेक्टर गाइडलाइन दरों में वृद्धि से व्यापारियों के निवेश में हिचकिचाहट बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में पहले से ही रजिस्ट्रेशन दरें काफी ऊंची हैं। इन पर कलेक्टर दरों में वृद्धि से राज्य के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसको लेकर तमाम बिल्डर भी लगातार सरकार को अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
भोपाल के इन इलाकों में रेट बढ़ाने पर चर्चा
1- कोलार में गोल गांव पर सिक्सलेन के कारण प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ी हैं। गोलजोड़ से थुआंखेड़ा और कजलीखेड़ा तक कलेक्टर गाइडलाइन में वृद्धि होगी।
2- भानपुर कचरा खंती हटने के बाद अब अयोध्या बायपास इलाके में भी रजिस्ट्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
3- भोपाल की 100 लोकेशन ऐसी जहां ज्यादा रजिस्ट्री हुई हैं, वहां भी रेट बढ़ेंगे।
4- सलैया क्षेत्र में तेजी से डेवलपमेंट हो रहा है, इसलिए यहां भी रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है।
5- कोकता बायपास-बगरोदा व्यावसायिक क्षेत्र है। यहां भी दाम तेजी से बढ़ रहे हैं।
6- बैरागढ़ स्टेशन के पास, मिनाल, वैशाली नगर बड़वई सड़क से हटकर, बरखेड़ी कलां, चौपड़ाकलां, कटारा हिल्स, रातीबड़, बिशनखेड़ी, दामखेड़ा व मेंडोरी में भी रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है।
7- नर्मदापुरा रोड, मिसरोद, गुलमोहर, आकृति ईको सिटी, विद्यानगर, कान्हाकुंज, पुलिस हाउसिंग सोसायटी, वंदना नगर समेत कई इलाकों में भी रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है।