रेलवे टिकट पर ऑपरेशन सिंदूर का प्रचार किए जाने को लेकर एमपी में सियासत शुरू हो गई है।
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पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चला कर पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई। सरकार ने इसे बड़ी कामयाबी बताया और इसके प्रचार को व्यापक स्तर पर शुरू किया गया है। रेलवे टिकट पर ऑपरेशन सिंदूर का प्रचार किए जाने को लेकर एमपी में सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर सेना के शौर्य का राजनीतिक उपयोग करने का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले ने कहा है कि जब से भारत की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पाकिस्तान के दांत खट्टे किए हैं, तब से भाजपा की कोशिश यही है कि सेना के पराक्रम और वीर सैनिकों की बहादुरी को चुनावी राजनीति के लिए कैसे भुनाया जाए।
भारतीय परंपरा को तोड़ रही बीजेपी
बबेले कहा कि भारत में हमेशा से एक स्वस्थ परंपरा रही है कि सेना को राजनीतिक बहस से दूर रखा जाता है, लेकिन भाजपा इस परंपरा को तोड़ते हुए सेना के अभियान को भी प्रचार सामग्री बना रही है। बबेले ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा पहले भी अनर्गल बयान दिए गए। किसी ने मंत्री रहते हुए तो किसी ने सांसद और विधायक रहते हुए गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी की। यहां तक कि विदेश मंत्री तक ने ऐसा बयान दिया है जो शोभा नहीं देता, लेकिन अब तो एक कदम आगे बढ़कर भाजपा और केंद्र सरकार ने रेलवे को भी इस राजनीतिक अभियान में शामिल कर लिया है।
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चुनाव में सेना के शौर्य का इस्तेमाल
पीयूष बबेले ने कहा कि अब जब आप रेलवे टिकट बुक करते हैं, तो ऑनलाइन टिकट पर ऑपरेशन सिंदूर का विज्ञापन दिखाई देता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर और उनका बयान छपा होता है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि भाजपा आगामी बिहार चुनाव को देखते हुए सेना के शौर्य का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है, यह गलत है। उन्होने कहा कि अगर ऐसे प्रयासों पर समय रहते प्रतिबंध नहीं लगा, तो यह देश के लिए एक गलत मिसाल बन जाएगी।