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भोपाल पुलिस-वकील विवाद: फटकार के बाद निलंबित टीआई ने सोशल मीडिया से हटाया वीडियो, अब विभागीय कार्रवाई के संकेत

Fri, 25 Sep 2026 11:38 AM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के पुलिस-वकील विवाद के बाद निलंबित टीआई राजन सिंह अहिरवार ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर एक वरिष्ठ महिला अधिकारी पर आरोप लगाए थे। वीडियो वायरल होने के बाद उसे फेसबुक और इंस्टाग्राम से हटा दिया गया। इस मामले में टीआई समेत दो आरक्षकों को पहले निलंबित किया गया था और बाद में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
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निलंबित टीआई ने सोशल मीडिया से हटाया वीडियो - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राजधानी भोपाल में पुलिस-वकील विवाद और खुद के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने वाले निलंबित टीआई ने अब फेसबुक और इंस्टाग्राम से वीडियो हटा लिया है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को दिनभर वीडियो वायरल होने के बाद आला अधिकारियों ने निलंबित टीआई को फटकार लगाई। हाल ही में पुलिस मुख्यालय ने भी पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया से दूरी बनाने की हिदायत दी थी। अब माना जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित टीआई राजन सिंह अहिरवार पर और भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
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महिला अधिकारी पर लगाए थे आरोप
जानकारी के अनुसार, निलंबित थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार ने गुरुवार सुबह व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो पोस्ट कर पुलिस-वकील विवाद पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने एक वरिष्ठ महिला अधिकारी पर बड़े अधिकारियों को मिसगाइड करने का आरोप भी लगाया था। साथ ही, उन्हें जांच से दूर करने का निवेदन किया था। वीडियो में उन्होंने कहा कि वही महिला अधिकारी छोटी-छोटी बातों पर मातहत पुलिसकर्मियों को मानसिक तनाव में रखती हैं। अहिरवार ने जहांगीराबाद क्षेत्र की जनता और उनका साथ देने वाले अधिकारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों को उन पर गर्व है और वे लगातार फोन कर रहे हैं।

सत्य सूर्य के समान फिर से चमकेगा- टीआई
टीआई ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी गलत काम या आपराधिक गतिविधि के कारण निलंबित नहीं किया गया है और न ही उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज है, इसलिए गांव के लोग और रिश्तेदार चिंता न करें। उन्होंने कहा था कि सत्य सूर्य के समान फिर से चमकेगा। इसी वीडियो को लेकर अब कार्रवाई की बात की जा रही है। बड़े अधिकारियों की फटकार के बाद इस वीडियो को फेसबुक और इंस्टाग्राम से हटा लिया गया है।
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22 सितंबर को शुरू हुआ था पुलिस-वकील विवाद
गौरतलब है कि यह पूरा मामला 22 सितंबर की शाम गणेश विसर्जन के दौरान जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के खटलापुरा विसर्जन घाट के पास पीएचक्यू गेट नंबर-1 के सामने ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान शुरू हुआ था।आरक्षक हरि ओम वर्मा की शिकायत के मुताबिक, ट्रैफिक डायवर्जन के दौरान लाल रंग की कार लेकर आ रहे वकील राकेश रावल को रोका गया था। आरोप है कि वकील ने नशे की हालत में पुलिसकर्मियों से अभद्रता की, सरकारी काम में बाधा डाली, धमकी दी और मारपीट की।

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दूसरी ओर, अधिवक्ता राकेश रावल ने आरोप लगाया कि वे ट्रैफिक जाम में फंसे थे और पेट्रोल कम होने की बात कहने पर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। वकील का यह भी आरोप है कि उन्हें थाने ले जाकर अंधेरे में लात-घूंसों और डंडों से पीटा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
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टीआई समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित, बाद में एफआईआर
वकीलों के जोरदार विरोध के बाद टीआई और दो आरक्षकों को पहले निलंबित किया गया। बाद में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई। अब निलंबित टीआई द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने और फिर उसे हटाए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस अधिकारियों की ओर से वीडियो को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी, यह विभागीय जांच के बाद स्पष्ट होगा।
 
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