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Bhopal: बीजेपी विधायक चिंतामणि के पक्ष में उतरे पीसीसी चीफ पटवारी, बोले- नोटिस देना लोकतंत्र की हत्या का संकेत

Mon, 24 Mar 2025 01:46 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा है कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी द्वारा विधायक चिंतामणि मालवीय को कारण बताओ नोटिस जारी करना यह साबित करता है कि बीजेपी में सच बोलना अपराध बन चुका है। यह दलित विरोधी मानसिकता का परिचायक है और लोकतंत्र के लिए घातक है।
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पीसीसी चीफ जीतू पटवारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय को विधान सभा में अपनी सरकार को घेरने पर पार्टी द्वारा नोटिस दिया गया है। अब पीसीसी चीफ जीतू पटवारी चिंतामणि के पक्ष में उतर आए हैं। उन्होंने सोमवार को प्रेसवार्ता कर कहा कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी द्वारा विधायक चिंतामणि मालवीय को कारण बताओ नोटिस जारी करना, यह साबित करता है कि बीजेपी में सच बोलना अपराध बन चुका है। यह दलित विरोधी मानसिकता का परिचायक है और लोकतंत्र के लिए घातक है। 

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दरअसल, चिंतामणि मालवीय ने उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर किसानों की जमीन अधिग्रहण का मुद्दा विधानसभा में उठाया था। उन्होंने अपनी सरकार पर आरोप लगाया था कि उज्जैन का किसान डरा हुआ है। पहले सिंहस्थ के दौरान जमीनें तीन चार माह के लिए ली जाती थी, लेकिन अब स्पिरिचुअल सिटी के नाम पर स्थाई रूप से ली जा रही है। 




किसानों की जमीन छीनना अन्यायपूर्ण
पटवारी ने कहा कि भाजपा द्वारा मालवीय को नोटिस इसलिए दिया गया क्योंकि उन्होंने लोकतंत्र के प्रति निष्ठा और अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के नाम पर किसानों की जमीन अस्थायी अधिग्रहण के बहाने स्थायी रूप से हड़पने की साजिश रची जा रही है। सिंहस्थ आस्था का केंद्र है, लेकिन सरकार और माफियाओं द्वारा किसानों की जमीन छीनना अन्यायपूर्ण है। यह बीजेपी की साजिश है, जो सच बोलेगा, उसे डराया, धमकाया और कुचला जाएगा। इस समय भू-माफिया सरकार के सिर चढ़कर बोल रहा है।
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हम चिंतामणि मालवीय के साथ 
पटवारी ने कहा कि हम चिंतामणि मालवीय के साथ खड़े हैं, क्योंकि उन्होंने जनता की आवाज को बुलंद किया है। किसानों और दलितों का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ हर मंच पर आवाज उठाएगी। पटवारी ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने जनता के हक की लड़ाई लड़ी, लेकिन बीजेपी ने यह दिखा दिया कि जो सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहे भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आवाज उठाएगा, उसका सिर कुचल दिया जाएगा, भले ही वह सत्तापक्ष का जनप्रतिनिधि ही क्यों न हो। भाजपा द्वारा बरती गई यह कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि बीजेपी में लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए कोई स्थान नहीं बचा है और पार्टी पूरी तरह से दमनकारी नीतियों पर चल रही है।

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सौरभ शर्मा मामले को दबाया जा रहा 
पटवारी ने कहा कि सौरभ शर्मा कांड को लेकर जांच नहीं हो रही हैं। मामला 20 हजार करोड़ का है लेकिन। डायरी सामने नहीं आ रही। लोकायुक्त का तबादला होना, डीजी का तबादला होना, आईटी का आना और कोई कार्यवाही नहीं करना, यह साबित करता है कि मामले को दबाया जा रहा है।

सहकारिता के चुनाव नहीं होना लोकतंत्र की हत्या
पटवारी ने कहा कि सहकारिता विभाग के चुनाव नहीं होंगे, यह जनता द्वारा निर्मित संस्था और लोकतंत्र की हत्या हैं, सरकार अनाधिकृत रूप से सहकारिता पर कब्जा कर रही है। कांग्रेस पार्टी भाजपा की इस लोकतंत्र विरोधी सोच के खिलाफ है। सरकार सहकारिता के चुनाव कराये। कांग्रेस इस मामले को लेकर कोर्ट जाएगी।  
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नोटिस देना था तो सारंग और गोविंद सिंह को देना था
जीतू पटवारी ने आगे कहा कि अगर बीजेपी को किसी को नोटिस देना था तो प्रहलाद पटेल को देते। उन्होंने जनता को भिखारी कहा था। नोटिस देना था तो गोविंद सिंह राजपूत और विश्वास सारंग को देना था। राजपूत पर भ्रष्टाचार के कई मामले हैं। नर्सिंग घोटाले में कितने युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ है। बीजेपी दलित, अजा जजा विरोधी पार्टी है। बीजेपी संविधान विरोधी है, बीजेपी किसान विरोधी है। 


 
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