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Bhopal News: किसानों से सीमांकन के लिए खुलेआम घूस मांगने वाली महिला आरआई निलंबित, कलेक्टर को मिली थी शिकायत

Fri, 14 Mar 2025 06:53 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल की कोलार तहसील में पदस्थ महिला राजस्व निरीक्षक रुचि शर्मा को किसानों से घूस मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। तहसीलदार और एसडीएम के आदेशों की अवहेलना करने पर शिकायत के बाद जांच हुई, जिसमें आरोप सही पाए गए। कोलार तहसील राजस्व मामलों के निपटारे में फिसड्डी साबित हुई है।
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रिश्वत लेने के मामले में आपरआई को निलंबित किया गया है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भोपाल जिले के कोलार तहसील में पदस्थ महिला राजस्व निरीक्षक रुचि शर्मा को होली का त्यौहार से चंद घंटे पहले निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में आरआई का मुख्यालय भोपाल कलेक्ट्रेट किया गया है। इस संबंध में भोपाल कलेक्ट्रोरेट से आदेश जारी हो गया है। 
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आदेश के अनुसार कोलार तहसील में पदस्थ महिला राजस्व निरीक्षक रुचि शर्मा किसानों की जमीनों के सीमांकन के नाम खुलेआम घूस मांगती रही हैं। जब तक घूस नहीं मिलती, तहसीलदार और एसडीएम के आदेश के बाद भी वह सीमांकन करने नहीं जाती थीं। इतना ही नहीं वे अधिकारियों के नामों का भी घूस मांगते समय हवाला देती थीं कि वरिष्ठ अधिकारियों को भी पैसा जाता है। कई किसानों की जमीनों का सीमांकन सरकार द्वारा चलाए गए अभियान के तहत भी नहीं हो पाया है।

शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
तहसीलदार और एसडीएम के आदेश के बावजूद महीनों तक जब किसानों की जमीनों का सीमांकन नहीं हुआ तो कुछ किसानों ने इस संबंध में भोपाल कलेक्ट्रेट में शिकायत की थी। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने शिकायत की जांच कराई और जांच सही पाई गई, जिसके बाद राजस्व निरीक्षक रुचि शर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
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राजस्व प्रकरणों के निराकरण में फिसड्डी है कोलार तहसील
राज्य सरकार ने जनता की समस्याओं के जल्दी निराकरण और किसानों के नामांकन, सीमांकन, बंटान सहित अन्य प्रकरणों के निराकरण के लिए ही कोलार तहसील का गठन किया गया है। कोलार तहसील में हुजूर विधानसभा का अधिकांश हिस्सा आता है। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही व लेतलाली के कारण कोलार तहसील राजस्व प्रकरणों के निराकरण में भोपाल में फिसड्डी है। कोलार के साथ बैरसिया तहसील भी राजस्व प्रकरणों के निराकरण में पीछे है।  कोलार तहसील का अधिकांश हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र है और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण यहां प्लाटिंग और मकानों का निर्माण बड़ी संख्या में हो रहा है। ऐसे में राजस्व मामलों की लंबी पेंडेंसी रहती है और राजस्व अधिकारी मोटी रकम लेकर ही फाइलों का निराकरण करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वर्ष 2024 में चलाए गए राजस्व महाअभियान-2 में भी कोलार तहसील में प्रकरणों की पेंडेंसी पूरी तरह से समाप्त नहीं हो सकी। भोपाल जिला भी बड़ी मुश्किल से प्रकरणों के निराकरण में सराहनीय स्तर पर पहुंचा था। 
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