पुलिस कार्रवाई में पकड़े गए आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
क्या है ईरानी डेरा?
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का एक इलाका है निशातपुरा। यहां की अमन कॉलोनी में स्थित ईरानी डेरा लंबे समय से अपराध का गढ़ माना जाता रहा है। यहां करीब 70 मकान हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार इनमें से 50 से अधिक परिवारों के सदस्य किसी न किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्त हैं। ईरानी डेरा वर्षों से पुलिस और खुफिया एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ था। यहां 27-28 दिसंबर की दरम्यानी रात पुलिस टीम की बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस प्रशासन की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद गैंग का सरगना राजू ईरानी महिलाओं को ढाल बनाकर फरार हो गया था।
कुख्यात ईरानी गैंग का सरगना राजू ईरानी।
- फोटो : अमर उजाला
कौन है भोपाल का यह रहमान डकैत?
- गिरफ्तार अपराधी का असली नाम आबिद अली पिता हसमत अली है, लेकिन अपराध की दुनिया में वह राजू ईरानी के नाम से जाना जाता है। गैंग के गुर्गे उसे रहमान डकैत भी कहते हैं।
- उसके खिलाफ मध्य प्रदेश सहित छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल समेत देश के 14 राज्यों में 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- इनमें लूट, ठगी, फर्जी पुलिस और सीबीआई अधिकारी बनकर अपराध करना, धोखाधड़ी और पुलिस पर हमले जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
- राजू ईरानी पर आरोप है कि उसने वर्षों तक एक संगठित गिरोह के जरिए देश के बड़े शहरों में सैकड़ों वारदात को अंजाम दिया।
- वह खुद कई मामलों में सामने नहीं आया, बल्कि पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करता रहा।
- पुलिस के मुताबिक वह लूट और ठगी से अर्जित रकम का हिसाब-किताब और बंटवारा भी खुद तय करता था।
ईरान से आने की कहानी क्या है?
आजादी के बाद कुछ परिवार ईरान से भारत आए थे। उन्होंने भोपाल रेलवे स्टेशन के पास अपना डेरा जमाया था। इसके बाद वहां पर कच्चे मकान बनाकर रहने लगे थे। इन परिवारों में से एक मुन्ने ईरानी बदमाश बन गया। फिर मुन्ने ईरानी ने भोपाल रेलवे स्टेशन के आस-पास वारदातों को अंजाम देना शुरू किया। पर जब-तब पुलिस की छापा मार कार्रवाई ईरानी परिवार के मकानों पर हो जाती थी। इससे छुटकारा पाने के लिए मुन्ने ईरानी ने भोपाल के बाहरी इलाके जैसे करोंद के पास अपना डेरा जमाना शुरू किया। इसके बाद उसके गिरोह में शामिल ईरानी परिवार के लोग भी करोंद के आसपास मकान बनाते चले गए। आज वहां 70 घरों का ईरानी डेरा बसा हुआ है। इसी डेरे से पूरे भारत के अलग-अलग राज्यों में ईरानी गैंग का काम आपराधिक काम चलता है। एक तरीके से ये डेरा ही ईरानी गैंग का हेडक्वार्टर है।
अमन कॉलोनी ईरानी डेरा।
- फोटो : अमर उजाला
कैसे संभाल ली थी गैंग की कमान?
- भोपाल में ईरानी डेरे की मौजूदगी 1970 के दशक से मानी जाती है। उस समय इस डेरे की कमान राजू ईरानी के पिता हसमत ईरानी के हाथों में थी।
- बाद में इस डेरे की कमान मुन्ने ईरानी के हाथ में थी। उसकी मौत के बाद उसका शागिर्द राजू ईरानी यहां का सरगना बन गया।
- ईरानी डेरा न केवल भोपाल, बल्कि देश के कई राज्यों में सक्रिय बदमाशों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन चुका था।
- यहीं से गैंग के सदस्यों को ट्रेनिंग दी जाती थी और वारदातों की रणनीति तय होती थी।
- राजू ईरानी ने वर्ष 2000 में अपने पिता हसमत ईरानी के जीवित रहते ही गैंग की कमान संभाल ली थी।
राजू ईरानी के कैसे महंगे शौक?
2006 में राजू ईरानी के खिलाफ भोपाल में पहला आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ। इसके बाद से उसने प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लगभग 25 वर्षों तक अपराध की दुनिया में अपना वर्चस्व बनाए रखा। इस दौरान उसने अरबों रुपये की अवैध संपत्ति खड़ी की। वह महंगी लग्जरी कारों और अरबी नस्ल के घोड़ों का शौकीन बताया जाता है। पुलिस के मुताबिक गैंग के आंतरिक विवादों को सुलझाने के लिए वह समानांतर अदालत भी चलाता था, जिसके फैसले सभी को मानने होते थे।
कैसे अलग-अलग भेष में अपराध करता था गैंग?
राजू ईरानी और उसका गैंग बड़े शहरों में अलग-अलग भेष धारण कर अपराध करता था। कभी पुलिस अधिकारी, कभी सीबीआई या सेल्स टैक्स अफसर बनकर लोगों को डराकर लूट और ठगी की जाती थी। भोपाल और आसपास के इलाकों में वह जानबूझकर कम वारदातें करता था, ताकि स्थानीय पुलिस की नजरों से बचा रहे। गैंग के सदस्यों को ऐसी ट्रेनिंग दी जाती थी कि पकड़े जाने पर वे किसी साथी का नाम उजागर न करें। यहां तक कि कई बार वे अपना नाम और पता तक बदलकर बताते थे। यदि कोई सदस्य गिरफ्तार होता, तो उसकी जमानत, मुकदमे का खर्च और परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी गैंग की लूट की रकम से उठाई जाती थी। यही कारण था कि गैंग के सदस्य राजू ईरानी को अपना सरदार मानते थे।
ड्रग्स कारोबार पर रानियों का कब्जा कैसे?
- ईरानी गैंग अवैध मादक पदार्थों की तस्करी का भी काम करता है। पहले यह काम गिरोह के पुरूष किया करते थे।
- पुलिस के पास महिला आरक्षकों की कमी की बात जानकर ईरानी गैंग ने महिलाओं से ड्रग्स का काम करवाना शुरू किया क्योंकि इसमें चैंकिग की संभावना कम हो जाती थी।
- धीरे-धीरे इस काम को राजू ईरानी की महिला दोस्त ने संभालना शुरू किया। इसके बाद ड्रग्स का कारोबार कई राज्यों में फैल गया।
- ये महिलाएं ज्वैलर्स शॉप और अन्य स्थानों पर चोरियों को भी अंजाम देनी लगीं।
- पुलिस के अनुसार, ड्रग्स की 'रानी' नाम से मशहूर महिला फिलहाल फरार है। भोपाल पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है।