कोलार थाना क्षेत्र में गुरुवार को दशहरा के अवसर पर एक दुर्गा झांकी के सामने खेल रही दस साल की बच्ची की संदिग्ध स्थितियों में गोली के छर्रे लगने से मौत हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्गा झांकी में पूजा-पाठ के बाद विजयादशमी के उत्सव पर किसी ने हर्ष फायर किया, उसी से बच्ची को छर्रे लगे हैं। पुलिस हर्ष फायर करने वालों को जानकारी जुटाकर कुछ लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है।
घटनास्थल के पास दो कबूतर भी मृत मिले हैं। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दशहरा के अवसर पर किए गए हर्ष फायर में बच्ची की मौत हुई है या कबूतर करने के लिए एयरगन से चली गोली में बच्ची की जान गई है। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि किसकी बंदूक से छर्रे निकले हैं। फिलहाल छर्रे एयरगन के होने के भी आशंका जताई जा रही है।
कोलोर पुलिस के अनुसार सुनील रजक राजहर्ष कालोनी स्थित शशि हाईटेक सिटी कोलार रोड पर रहते हैं और पानी सप्लाई का काम करते हैं। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं। उनकी दस साल की बच्ची रिया रजक स्कूली छात्रा था। गुरुवार दोपहर बाद वह मोहल्ले के बच्चों के साथ दुर्गा झांकी पंडाल के सामने खेल रही थी। इसी दौरान वह अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ी। परिजन पहुंचे तो पता चला कि बच्ची के कंधे और गर्दन के पास गहरा घाव लगा है और खून निकल रहा है। उसे तत्काल ही इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां करीब दो घंटे तक इलाज के बाद रिया ने दम तोड़ दिया।
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एयरगन का छर्रा लगने का अनुमान
इलाज करने वाले डॉक्टरों ने बच्ची का सीटी स्कैन किया था, लेकिन चोट लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया। एफएसएल टीम का भी कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही चोट लगने के कारणों का खुलासा हो पाएगा। कंधे पर लगे घाव को देखकर किसी एयरगन से छर्रा लगने का अनुमान लगाया जा रहा है। पुलिस ने जब घटनास्थल पर निरीक्षण किया तो इलाके में दो कबूतर भी मरे हुए मिले थे। इसलिए अनुमान है कि किसी ने पक्षी मारने के लिए गन चलाई होगी, जिसका छर्रा बच्ची के कंधे पर जाकर लगा होगा। हालांकि सही कारणों के लिए पीएम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके साथ ही डॉक्टरों की ओपीनियन ली जा रही है।