प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को राजधानी भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 1000 से अधिक अभ्यर्थियों का आरोप है कि मेरिट सूची में चयन होने के बावजूद दस्तावेज सत्यापन के दौरान उन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। अभ्यर्थियों ने नियम-49 के तहत शिथिलता देने और उनकी डीएलएड (डी.एल.एड.) डिग्री को मान्य करने की मांग उठाई।
मेरिट में आए, लेकिन दस्तावेज सत्यापन में बाहर
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि 2024 में 10 हजार पदों पर निकली प्राथमिक शिक्षक भर्ती में उनका चयन मेरिट के आधार पर हुआ था। लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान यह कहते हुए बाहर कर दिया गया कि उनकी डीएलएड डिग्री भर्ती अधिसूचना जारी होने से पहले की नहीं है। उनका कहना है कि आवेदन पत्र के नियम-49 में दस्तावेज सत्यापन तक शैक्षणिक योग्यता पूरी करने का प्रावधान है, इसलिए उन्हें राहत मिलनी चाहिए।
तीन दिन तक चलेगा महाधरना
अभ्यर्थियों ने 7, 8 और 9 अगस्त तक डीपीआई कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण महाधरने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि यह केवल नौकरी का नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य का सवाल है। प्रदर्शन से पहले अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भी ज्ञापन सौंपकर नियम-49 के तहत विशेष शिथिलता देने की मांग की थी। आखिरी दिन स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के घर के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।
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ये हैं अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
नियम-49 के तहत विशेष शिथिलता दी जाए।
डीएलएड का परिणाम दस्तावेज सत्यापन (डीवी) की तिथि तक मान्य किया जाए।
25 अगस्त 2025 की कट-ऑफ को हटाकर पूर्व शिक्षक भर्तियों की तरह राहत दी जाए।
दस्तावेज सत्यापन में बाहर किए गए चयनित अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए।