मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे जीतू पटवारी
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राजधानी भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में पुलिस की पिटाई से 22 वर्षीय युवक उदित गायकी की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी शुक्रवार को मृतक के परिजनों से मिलने उनके निवास पहुंचे। मीडिया से बातचीत में पटवारी ने इस घटना को 'सरकारी हत्या' करार दिया और सरकार पर जमकर हमला बोला।
पूरे प्रदेश में जंगलराज स्थापित
पटवारी ने कहा कि पूरे प्रदेश में जंगलराज स्थापित हो चुका है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री तक ने मृत युवक के पिता से बात करना उचित नहीं समझा। यह युवक एक पुलिसकर्मी की हैवानियत का शिकार हुआ है, जिसे महज 10 हजार रुपये के लिए मौत के घाट उतार दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के वक्त पुलिसकर्मी नशे में धुत थे। पटवारी ने का मुख्यमंत्री जी आप प्रदेश को शराबी बना चुके हैं, अब उसी शराबी सिस्टम ने एक मासूम की जान ले ली। इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है।
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क्या है पूरा मामला?
घटना गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात इंद्रपुरी सी-सेक्टर स्थित श्रेयस कोचिंग सेंटर के पास हुई। मृतक उदित गायकी अपने दोस्तों अक्षत भार्गव और दीपेश बरकड़े के साथ कार (MP-04-CT-4532) में सवार था। इसी दौरान नाइट पेट्रोलिंग कर रहे आरक्षक संतोष बामनिया और सौरव आर्य मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर कहासुनी हुई और पुलिसकर्मियों ने उदित का पीछा कर पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उदित को शर्ट फटने तक पीटा और फिर उसे वापस लाकर बर्बर तरीके से डंडों से हमला किया। इसके बाद वे मौके से चले गए। घायल अवस्था में उदित को उसके दोस्त पहले हथाईखेड़ा डैम और फिर खजूरी रोड ले गए। तबीयत बिगड़ने पर उसे साईं अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पटवारी का सरकार पर सीधा हमला
जीतू पटवारी ने कहा कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि प्रदेश की गिरती कानून व्यवस्था की तस्वीर है। उन्होंने कहा, यह राजधानी भोपाल की घटना है, जहां सरकार के मंत्री खुद विधायक हैं, लेकिन आज तक कोई पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं आया। सोचिए, जब राजधानी का यह हाल है तो बाकी प्रदेश का क्या होगा? उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर हमला करते हुए कहा कि आपके हाथ से प्रदेश निकल गया है। यह अब जंगलराज बन चुका है। हत्याएं हो रही हैं और सरकार उत्सव मना रही है। पटवारी ने सरकार से मांग की कि मुख्यमंत्री खुद पीड़ित माता-पिता से मिलें, उन्हें न्याय और मुआवजा दिलाने की दिशा में तत्काल कदम उठाएं। यह सरकारी हत्या है और इसके लिए पूरी शासन-प्रशासन व्यवस्था जिम्मेदार है।