एम्स भोपाल के ऑप्थल्मोलॉजी विभाग की नेत्र बैंक ने नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अनोखा और डिजिटल पहल शुरू की है। अब कोई भी व्यक्ति मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करके नेत्रदान की पूरी जानकारी पा सकता है और घर बैठे नेत्रदान का संकल्प फॉर्म भी भर सकता है।इस अभियान का शुभारंभ एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने किया। उन्होंने कहा कि यह कदम समाज में नेत्रदान को आसान और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
कॉर्नियल अंधत्व का निवारण संभव
ऑप्थल्मोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. भावना शर्मा ने बताया कि कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन के माध्यम से कॉर्नियल अंधत्व का निवारण संभव है। उन्होंने कहा, “यदि समाज में जागरूकता और सहभागिता बढ़ाई जाए, तो कई दृष्टिबाधित व्यक्तियों को देखने की नई रोशनी मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यदि समाज में जागरूकता और सहभागिता बढ़ाई जाए, तो कई दृष्टिबाधित व्यक्तियों को देखने की नई रोशनी मिल सकती है।
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इच्छुक लोग तुरंत संकल्प फॉर्म भर सकते हैं
क्यूआर कोड स्कैन करने पर व्यक्ति को नेत्रदान से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है और इच्छुक लोग तुरंत संकल्प फॉर्म भर सकते हैं। यह प्रक्रिया सरल, सहज और सभी के लिए सुलभ है। एम्स भोपाल ने यह पहल समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और नेत्रदान के महत्व को समझाने के अपने प्रयासों का हिस्सा बताया। डिजिटल माध्यम से जागरूकता फैलाने वाली यह पहल लोगों को नेत्रदान में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगी।
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