मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कोताही बरतने पर राजधानी के दो बूथ लेवल ऑफिसरों (BLO) के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। दोनों कर्मचारियों पर फील्ड में काम न करने और आवश्यक दस्तावेज लेने के बावजूद जिम्मेदारी न निभाने का आरोप है। मामले में निलंबन के प्रस्ताव कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को भेजे गए हैं।
मैपिंग और सर्वे का काम अधूरा छोड़ने पर कार्रवाई की अनुशंसा
टीटी नगर तहसीलदार कुणाल रावत द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर एसडीएम अर्चना शर्मा ने रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को अग्रेषित किया है। पहले मामले में सहायक ग्रेड-3 संतोष कुमार तिवारी ने न तो मैपिंग का कार्य शुरू किया और न ही गणना पत्रक प्राप्त किए। दूसरे मामला सहायक ग्रेड-3 सक्षम सिंह राजपूत का है, जिन्होंने फॉर्म और मैपिंग दस्तावेज लेने के बाद भी फील्ड में कोई काम नहीं किया और 3 नवंबर को ड्यूटी अनुपस्थित रहने पर जारी नोटिस का जवाब भी नहीं दिया। दोनों प्रकरणों में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के तहत निलंबन की अनुशंसा की गई है।
55% फॉर्म वितरण पूरा, 7.5 लाख मतदाताओं की मैपिंग सम्पन्न
SIR की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 55 प्रतिशत से अधिक फॉर्म बांटे जा चुके हैं और 7.5 लाख से ज्यादा मतदाताओं का मैपिंग कार्य पूरा हो गया है। कुल 2029 बीएलओ के कार्यों की निगरानी के लिए 250 सुपरवाइजर्स नियुक्त किए गए हैं। हालांकि पुरानी मतदाता सूची और अन्य तकनीकी कारणों से कई स्थानों पर बाधाएं भी सामने आ रही हैं।
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एसआईआर में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने SIR की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि:बीएलओ के कार्य की सघन मॉनिटरिंग की जाए। निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करना सुनिश्चित कराया जाए। कॉल सेंटर पूरी क्षमता से चलें,फील्ड में आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि मतदाता सूची का अद्यतन अत्यंत संवेदनशील कार्य है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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भोपाल को झुग्गी मुक्त बनाने की गति बढ़ाएं
बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भोपाल को झुग्गी-मुक्त शहर बनाने के अभियान में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि यह जनकल्याण से जुड़ा बड़ा लक्ष्य है और सभी विभागों को समन्वय में कार्य करना होगा ताकि ज़मीनी स्तर पर बेहतर परिणाम मिल सकें।