नेशनल लोक अदालत से पहले नगर निगम ने इस बार राजस्व वसूली का तरीका बदलते हुए वार्ड स्तर पर ‘मिनी डिजिटल कलेक्शन सेंटर’ बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने निर्देश दिए हैं कि सभी 85 वार्डों में अतिरिक्त हैंड-हेल्ड मशीनें, ऑपरेटर और कंप्यूटर तैनात किए जाएं, ताकि नागरिकों को मौके पर ही बिल अपडेट करके भुगतान की सुविधा मिले। एसआईआर में अधिकांश कर्मचारी ड्यूटी पर लगे होने से नोटिस तामील धीमा हुआ था, लेकिन अब निगम लोक अदालत के लिए इसे तेज कर रहा है। निगम का लक्ष्य है कि लोगों को लाइन में लगने की बजाय सीधे वार्ड में ही डिजिटल सुविधा देकर अधिकतम वसूली सुनिश्चित की जाए।
डिजिटल कलेक्शन मॉडल की खासियतें
-हर वार्ड में तत्काल बिल जनरेट–अपडेट
-मौके पर ही ऑनलाइन भुगतान की सुविधा
-ऑपरेटर के जरिए पुराने बकाए का त्वरित सत्यापन
-लंबित मामलों को लोक अदालत से पहले निपटाने की रणनीति
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छूट योजना से बढ़ी उम्मीद
निगम को भरोसा है कि सम्पत्तिकर और जलकर में अधिभार पर दी जा रही 25% से 100% छूट से नागरिक बड़ी संख्या में भुगतान करने आगे आएंगे। निगम ने आकलन किया है कि इस बार पिछले साल की तुलना में दोगुनी वसूली हो सकती है। टीएल मीटिंग में आयुक्त संस्कृति जैन ने इस बार कागजी प्रगति रिपोर्ट पर भरोसा नहीं करते हुए अधिकारियों से कहा कि सड़क, नालों और बिजली-पानी संबंधी कार्यों की ग्राउंड रिपोर्ट पेश की जाए। एक इंजीनियर रोड फाइल की स्थिति नहीं बता पाए, जिस पर आयुक्त ने नाराजगी जताई। 13 दिसंबर को लगने वाली नेशनल लोक अदालत को निगम एक बड़े अवसर के रूप में देख रहा है। डिजिटल व्यवस्था, अतिरिक्त मशीनें और वार्ड-स्तरीय तैनाती से निगम का लक्ष्य है कि उस दिन रिकॉर्ड वसूली हो और सालाना राजस्व घाटा कम हो।
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