भोपाल में किशोरी बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण अभियान में गंभीर लापरवाही सामने आई है। 28,963 के लक्ष्य के मुकाबले अभी तक केवल 4,278 बालिकाओं का ही टीकाकरण हो पाया, जो महज 14.77% है। इस पर स्वास्थ्य आयुक्त ने सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
राजधानी भोपाल में किशोरी बालिकाओं के एचपीवी (सर्वाइकल कैंसर रोकथाम) टीकाकरण अभियान में गंभीर लापरवाही सामने आई है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देश पर स्वास्थ्य आयुक्त ने भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जिले को दिए गए लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं हुई, जिससे राज्य स्तर की उपलब्धियों पर भी असर पड़ा है। सीएमएचओ को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
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क्या था लक्ष्य और क्या रही उपलब्धि?
विभाग के अनुसार भोपाल जिले में 14 से 15 वर्ष की किशोरी बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण के लिए 28,963 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। यह अभियान 90 दिनों में पूरा किया जाना था। लेकिन एक माह बीतने के बाद भी सिर्फ 4,278 बालिकाओं का ही टीकाकरण हो पाया, जो कुल लक्ष्य का करीब 14.77% है। खामियों के चलते जिले में टीकाकरण अभियान बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्वास्थ्य आयुक्त ने इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही के प्रमुख कारण
- अभियान की धीमी रफ्तार और समयसीमा का पालन न होना
- मॉनिटरिंग और फील्ड स्तर पर निगरानी की कमी
- वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी
- लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रभावी योजना का अभाव
टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की अनदेखी
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि सीएमएचओ टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने फर्जी अस्पतालों से सांठगांठ और वसूली के भी आरोप लगाए। जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन करेगा। साथ ही उन्होंने सीएमएचओ के निलंबन और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।