फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhopal News: राज्यसभा रेस से हटे जीतू पटवारी, बोले- मेरे अलावा कोई भी जाएगा, दिग्विजय पर फैसला पार्टी का

Fri, 20 Mar 2026 04:17 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल

सार

भोपाल में कथावाचक मोहित नागर को कांग्रेस में शामिल कराने के दौरान जीतू पटवारी ने राज्यसभा को लेकर खुद को रेस से अलग बताया। साथ ही उन्होंने सरकार की योजनाओं, महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था पर भी तीखे सवाल उठाए।
विज्ञापन
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जीतू पटवारी ने राज्यसभा को लेकर बड़ा बयान देते हुए खुद को दावेदारी से अलग बताया है। भोपाल में कथावाचक मोहित नागर को कांग्रेस की सदस्यता दिलाने के दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई भी नेता उम्मीदवार बन सकता है, अंतिम फैसला संगठन ही करेगा। भोपाल में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मालवा क्षेत्र के कथावाचक मोहित नागर को औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल कराया। इस मौके पर मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने राज्यसभा चुनाव और संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी खुलकर बात रखी।
विज्ञापन


खुद को रेस से बाहर बताया, जिम्मेदारी का हवाला
पटवारी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का पद बेहद जिम्मेदारी भरा होता है, जिसमें 24 घंटे भी कम पड़ते हैं। ऐसे में वे खुद राज्यसभा की दौड़ में नहीं हैं और उनके अलावा कोई भी साथी इस पद के लिए जा सकता है।जब उनसे दिग्विजय सिंह को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वे भी संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा।

राज्यसभा सीट को लेकर अंदरखाने मंथन तेज
मध्यप्रदेश में जून में खाली होने वाली राज्यसभा सीट को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी स्तर पर लगातार मंथन चल रहा है और संभावित नामों पर विचार किया जा रहा है। अन्य राज्यों में हुई क्रॉस वोटिंग के बाद सतर्कता भी बढ़ गई है।
विज्ञापन


लाड़ली बहना योजना पर सरकार को घेरा
पटवारी ने लाड़ली बहना योजना को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाओं से 3000 रुपए देने का वादा किया गया था, लेकिन आधी राशि देकर बाकी को बाहर रखा गया, जो एक तरह का छल है।

महंगाई और बेरोजगारी पर भी साधा निशाना
उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और बेरोजगारी की स्थिति चिंताजनक है। युवाओं को रोजगार के नाम पर सिर्फ वादे किए गए, जबकि जमीन पर हालात खराब हैं। पटवारी ने कहा कि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता गिर रही है और शिक्षकों की भारी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों को परीक्षा के नाम पर डराया जा रहा है, जबकि उन्हें ट्रेनिंग और संसाधन देने की जरूरत है।
विज्ञापन


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें