भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में गुरुवार सुबह भारी हंगामा हुआ। एनजीटी ने नगर निगम पर बड़े तालाब में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के निर्माण कार्य को तोड़ने के साथ ही एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। गुरुवार सुबह भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक शुरू होते ही इस मुद्दे पर लगाए गए सवाल का जवाब देने के लिए नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने महापौर मालती राय से कहा। मालती राय ने कहा कि जवाब मैं नहीं दूंगी, जवाब तो संबंधित विभाग के सभापति मनोज राठौर देंगे।
अध्यक्ष सूर्यवंशी ने गंभीर विषय होने का हवाला देते हुए महापौर मालती राय से जवाब देने को कहा। इसी मुद्दे पर महापौर मालती राय और निगम परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी के बीच बहस हो गई। बहस के बाद नगर निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने महापौर मालती राय से जवाब देने के लिए आधे घंटे का समय दिया। अध्यक्ष ने कहा कि आधे घंटे में अधिकारियों से जवाब तैयार कराइये। आधे घंटे के लिए परिषद की कार्यवाही स्थगित की जाती है। दोपहर में कार्यवाही फिर शुरू होने पर विपक्षी दल के पार्षदों ने भी अलग-अलग मुद्दों पर हंगामा किया। हंगामे के बीच ही कई प्रस्ताव पारित किए गए।
दो बार स्थगित हुई परिषद
सुबह 11:30 बजे नगर निगम परिषद की बैठक शुरू होने के 20 मिनट बाद ही कार्यवाही महापौर को जवाब देने के लिए आधे घंटे के लिए स्थगित हुई। दोपहर 1.02 बजे परिषद की बैठक फिर फिर से शुरू हुई। इस तरह मीटिंग 1 घंटा 13 मिनट तक स्थगित रही। दोबारा परिषद की बैठक शुरू हुई तो भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नगर निगम आयुक्त और महापौर कोई कार्य नहीं कर रहे या करा पा रहे। इसके बाद वह सदन छोड़कर जाने लगे। भार्गव सदन छोड़कर जाने लगे तो एमआईसी मेंबर जगदीश यादव और अन्य पार्षदों ने उन्हें रोका और ले जाकर उन्हें कुर्सी पर बैठाया। इसके बाद एक घंटे के लिए फिर परिषद की बैठक स्थगित की गई। दोपहर तीन बजे फिर से बैठक शुरू हुई। तीन बजे बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया।
पार्षदों के दल से जांच कराने की मांग
वंदे मातरम् गायन के साथ सुबह ग्यारह बजे शुरू हुई निगम परिषद की बैठक शुरू से ही हंगामेदार रही। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने एनजीटी द्वारा एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाए जाने, सीवेज और अन्य मुद्दों को लेकर पार्षदों की टीम बनाकर जांच कराए जाने की मांग की। इसी मुद्दे पर लोक महत्व का प्रश्न बताते हुए अध्यक्ष ने महापौर को जवाब देने के लिए कहा था। बता दें, दोनों नेताओं के बीच पहले से कई विषयों को लेकर मनमुटाव चल रहा है।
विपक्षी पार्षदों ने लगाए 15 सवाल
कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने नगर निगम से कुल 15 प्रश्न पूछे। हालांकि, हंगामे के कारण सभी के जवाब नहीं मिल पाए। इस बीच कांग्रेस पार्षदों ने सीवेज का मुद्दा उठाकर अध्यक्ष की कुर्सी भी घेरी। वार्ड-34 के पार्षद पप्पू विलास राव घाडगे ने पूछा कि राजा भोज एवं रानी कमलापति की प्रतिमा का रंग काला क्यों है? यह किस अधिकारी या राजनेता की कल्पना है। वहीं, सीवेज, सिनेमाघरों से टैक्स वसूलने, नरेला विधानसभा में कौन-कौन से काम हुए, किस निधि से वार्डों में कितने निर्माण कराए गए जैसे प्रश्न पूछे थे।
सड़क- बस स्टॉप का नामकरण और पार्क को पीपीपी मोड पर देंगे
दोपहर तीन बजे शुरू हुई परिषद की बैठक में सड़कों-बस स्टॉप का नामकरण और पार्क को पीपीपी मोड पर देने के प्रस्ताव को पारित कर दिया गया। प्रश्नकाल के बाद तीन प्रस्ताव आए जिसमें अयोध्या नगर स्थित सरयू सरोवर पार्क को पीपीपी मोड पर विकसित किए जाने, आनंद नगर तिराहे से पटेल नगर रायसेन रोड, इस्कॉन मंदिर तक के मार्ग का नाम 'स्वामी प्रभुपाद मार्ग' किए जाने, पटेल नगर बस स्टॉप का नाम 'इस्कॉन मंदिर' किए जाने के प्रस्ताव रखा गया। सामान्य चर्चा के बाद तीनों प्रस्तावों को पारित कर दिया गया।