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Bhopal News: पिता ने आठ साल की बेटी का गला रेतकर झाड़ियों में फेंका, होश आने पर सड़क पर निकल आई और बच गई जान

Tue, 30 Jan 2024 07:34 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

रात करीब साढ़े ग्यारह बजे प्रीति को होश आया तो वह अपना गला पकड़ कर झाड़ियों से बाहर निकली लाइट को देखते हुए सड़क किनारे तक पहुंची। राहगीरों की नजर पड़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो बच्ची खून से लथपथ थी और गले पर चाकू के दो गहरे घाव थे।
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crime - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी के कोहेफिजा इलाके में एक पिता ने अपनी आठ साल की बेटी का चाकू से गला रेत दिया और मरने के लिए उसे सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। कुछ समय बाद बच्ची को होश आया तो वह गला पकड़कर किसी तरह सड़क किनारे तक पहुंची। वहां से गुजर रहे लोगों ने उसे रक्तरंजित देख पुलिस को सूचना दी तो वह मौके पर पहुंची और बच्ची को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया। उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, गला काटने के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है। घटना के बाद से पिता भी कुछ भी नहीं बता रहा है। 
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एएसआई रामप्रकाश ने बताया कि मूलत: सागर का रहने वाला तेजसिंह लोधी (40) भोपाल के टीला जमालपुरा में किराए से रहता है और शादी पार्टियों में टेंट लगाने का काम करता है। परिवार में पत्नी नेहा के अलावा आठ साल की बच्ची प्रीति लोधी और करीब एक साल का बेटा है। प्रीति उसकी पहली पत्नी की बेटी है, जिसका कोराना काल में निधन हो चुका है, जबकि नेहा लोधी से उसने दूसरी शादी की है, जिससे एक बच्चा है। सोमवार रात करीब नौ बजे तेजसिंह अपनी बेटी प्रीति को मोटर साइकिल से लेकर घर से निकला था। उसने बेटी को बताया था कि बडे पिताजी राजेश लोधी के घर चलना है। राजेश विदिशा रोड पर कहीं रहता है। कोहेफिजा स्थित मिलन शादी हाल के पास तेजसिंह ने अपनी बाइक रोकी और बेटी को नीचे उतारा। उसके बाद प्रीति का मुंह दबाकर वह उसे सड़क से कुछ दूर झाड़ियों के पास लेकर पहुंचा और जेब से चाकू निकालकर गला रेत दिया। उसके बाद बेटी को मरने के लिए झाड़ियों में फेंककर भाग निकला।

होश आने पर बच्ची खुद पहुंची सड़क किनारे
रात करीब साढ़े ग्यारह बजे प्रीति को होश आया तो वह अपना गला पकड़ कर झाड़ियों से बाहर निकली लाइट को देखते हुए सड़क किनारे तक पहुंची। राहगीरों की नजर पड़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो बच्ची खून से लथपथ थी और गले पर चाकू के दो गहरे घाव थे। पुलिस ने तत्काल ही उसे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने करीब 12 टांके लगाकर बहने वाले खून को रोका। बच्चे की गले और सांस की नली नहीं कटी थी, इसलिए वह बोल पा रही थी। पुलिस और डॉक्टरों की पूछताछ में बच्ची ने बताया कि उसके पिता तेजसिंह बड़े पिताजी के यहां चलने का बोलकर साथ लाए थे और रास्ते में सुनसान इलाके में गाड़ी रोककर उसका गला काट कर झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने रात में ही घेराबंदी कर तेजसिंह को हिरासत में ले लिया था।
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घटना के कारणों का नहीं हो पाया खुलासा
पुलिस ने जब तेजसिंह के पूछताछ की तो उसका कहना था कि बच्ची उसे परेशान करती थी। हालांकि, बाद में वह चुप हो गया। ज्यादा पूछताछ पर उसने चुप्पी साध ली है। पुलिस का कहना है कि उसकी मन:स्थिति बातचीत करने लायक नहीं है। इधर, बच्ची की सौतेली मां ने भी ऐसी कोई जानकारी नहीं दी, जिससे घटना के कारणों का खुलासा हो पाए। मां ने किसी प्रकार के विवाद की जानकारी भी पुलिस को नहीं बताई है। पुलिस का कहना है कि माता-पिता के विस्तृत बयान होने के बाद ही घटना के कारणों का पता चल पाएगा।
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