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Bhopal News: भोपाल में फर्जी वीजा पर भारत आए नाइजीरियन नागरिकों पर कार्रवाई, एक और गिरफ्तार, भेजा गया जेल

Sun, 03 Aug 2025 10:37 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

वर्ष 2018 में 15 नाइजीरियन फर्जी एजुकेशन वीजा पर भारत आए थे, जिनमें से कुछ ने आरकेडीएफ कॉलेज में दाखिला लिया। 2020 में जांच के दौरान उनके वीजा फर्जी पाए गए और सभी को घुसपैठिया करार दिया गया। अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं जबकि बाकी आरोपी फरार हैं।
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एक और नाइजीरियन गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल के कोहेफिजा थाने में वर्ष 2020 में दर्ज किए गए एक मामले में एक नाइजीनियर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। दो नाइजीनियर को वर्ष 2021 में गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन 15 नाइजीनियन को बिना वैध वीजा के भारत में आने पर घुसपैठिया करार देते हुए वर्ष 2020 में प्रकरण दर्ज किया गया था।

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दरअसल वर्ष 2018 में 15 नाइजीनियन फर्जी एजुकेशन वीजा तैयार कर भारत आए थे और उनमें से कुछ ने भोपाल के आरकेडीएफ कॉलेज में प्रवेश लिया था। बाकी देश के अन्य कॉलेज में संभवतः प्रवेश लिया था या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। दो वर्ष बाद वर्ष 2020 में इन नाइजीरियन के एजुकेशन वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद मध्यप्रदेश की इंटेलीजेंस पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से वीजा बढ़ाने संबंधी पत्राचार किया तो पता चला कि उक्त नाइजीनियर वीजा लेकर तो भारत आए ही नहीं थे। यह तो किसी डंकी रूट से भारत में घुसे थे, यानी यह सभी छात्र घुसपैठिए हैं। इसके बाद जब इनकी तलाश शुरू की गई तो पता चला कि सभी फरार हो चुके हैं। इसके बाद भोपाल पुलिस ने कोहेफिजा थाने में वर्ष 2020 में 17 नाइजीरियन के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया था।

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जुलाई 2020 में दर्ज हुआ था प्रकरण
पुलिस के अनुसार जुलाई, 2020 में केंद्र सरकार ने वैध वीजा से इन नाइजीनियर के भारत में प्रवेश करने संबंधी कोई दस्तावेज नहीं होने का हवाला देकर घुसपैठिया करार दिया था। इसके बाद एमपी इंटेलीजेंस की रिपोर्ट पर 15 नाइजीनियर के खिलाफ जालसाजी, दस्तावेजों की कूटरचना, कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल और विदेशी अधिनियम की धाराओं के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज हुआ था। जिन्हें आरोपी बनाया गया था उनमें पीटर जोबाटा, हेरीसन एटेटे, स्टेन ओटेमस, एबेल जेरी ओजे, हिनोमन, ओसामुमेव गायस, एमानुएल ओखुया, हेनरी एसीटी, हेनरी केम, प्लासिड महाक्वे, एमीदायो जोसेफ, कोलिंस, किंग्सली, ओबिन्ना और गॉडविन को बनाया गया था। यह सभी आरोपी भारत में पढ़ाई करने के लिए एजुकेशन वीजा पर 2018 में आए थे। कुछ आरोपियों ने आरकेडीएफ कॉलेज में दाखिला लिया था। लेकिन आरोपियों का वीजा समाप्त होने के बाद भोपाल में स्थित इंटेलीजेंस विभाग में वीजा रिन्यू कराने आवेदन के साथ जानकारियां दी थी। यह जानकारी भोपाल पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों से तस्दीक कराई तो वह फर्जी निकली।
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मोबाइल कॉल डिटेल से पता लगा रही पुलिस 
पुलिस हरकत में आती उससे पहले 15 आरोपियों में से दो आरोपी अमृतसर एयरपोर्ट के रास्ते अपने देश लौट गए। वहीं कोहेफिजा पुलिस ने 2021 में दो आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों में शामिल स्टेन ओटेमस और हेनरी केम केही अब भारत में नहीं हैं। लेकिन, दस आरोपी तभी से फरार चल रहे हैं। अब इस मामले में कोलिंस पिता ओन्हेनी को हैदराबाद विमानतल पर पकड़ा गया है। उसे हिरासत में लेने के बाद भोपाल पुलिस को सौंपा गया। पुलिस ने उसको दो दिनों तक रिमांड पर रखने के बाद शनिवार को अदालत में पेश किया। यहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

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