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भोपाल निगम का नया मुख्यालय शुरू: एक छत के नीचे मिलेंगी सभी सेवाएं, CM ने किया लोकार्पण, सोलर प्रोजेक्ट भी शुरू

Thu, 07 May 2026 08:16 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के तुलसी नगर स्थित नगर निगम के नए आठ मंजिला मुख्यालय ‘अटल भवन’ का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकार्पण किया। इस भवन में नगर निगम के सभी प्रमुख विभाग एक ही छत के नीचे संचालित होंगे। ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट और जियोथर्मल तकनीक से तैयार इस भवन के साथ 10.5 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट का भी शुभारंभ किया गया।
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भोपाल निगम मुख्यालय का लोकार्पण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल के तुलसी नगर सेकंड स्टॉप स्थित नगर निगम के नए मुख्यालय भवन का गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकार्पण किया। करीब 43 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस आधुनिक भवन को ‘अटल भवन’ नाम दिया गया है। आठ मंजिला यह इमारत अब नगर निगम के सभी प्रमुख विभागों का केंद्रीकृत कार्यालय बनेगी, जिससे लोगों को अलग-अलग कामों के लिए शहरभर में भटकना नहीं पड़ेगा। लोकार्पण के साथ ही मुख्यमंत्री ने नीमच जिले में नगर निगम द्वारा स्थापित 10.5 मेगावॉट क्षमता वाले सोलर प्रोजेक्ट का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और निगम अधिकारी मौजूद रहे।
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जियोथर्मल तकनीक से लैस प्रदेश की पहली निगम बिल्डिंग
नगर निगम का यह नया मुख्यालय ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर तैयार किया गया है। इसे जियोथर्मल तकनीक से विकसित किया गया है, जिससे ऊर्जा की बचत होगी। परिसर में लगाए गए सोलर पैनलों से करीब 300 किलोवॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रदेश की पहली नगरीय निकाय इमारत है, जिसमें इस तरह की आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।

जनता के काम अब एक ही जगह पर
नई बिल्डिंग शुरू होने के बाद निगम के लगभग सभी विभाग एक ही परिसर में संचालित होंगे। ग्राउंड फ्लोर पर जनसुविधा केंद्र बनाया गया है, जहां नागरिकों को टैक्स, बिल्डिंग परमिशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन समेत कई सेवाओं की जानकारी और
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सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी। इसके अलावा जलकार्य, सीवेज, स्वच्छ भारत मिशन, राजस्व, अतिक्रमण, बीसीएलएल, एनयूएलएम, गोवर्धन परियोजना, झील प्रकोष्ठ और बिल्डिंग परमिशन जैसी शाखाएं भी यहीं संचालित होंगी।

अभी अलग-अलग जगहों से चल रहे थे दफ्तर
अब तक नगर निगम की कई शाखाएं शहर के अलग-अलग हिस्सों में संचालित हो रही थीं। आईएसबीटी, माता मंदिर, शाहपुरा और फतेहगढ़ समेत कई इलाकों में निगम कार्यालय फैले हुए थे। नई बिल्डिंग के शुरू होने से प्रशासनिक कामकाज में समन्वय बढ़ने और लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

नई बिल्डिंग में कमियां भी आईं सामने
करीब 5 एकड़ क्षेत्र में बनी इस इमारत में कुछ खामियां भी सामने आई हैं। सबसे बड़ी कमी मीटिंग हॉल को लेकर बताई जा रही है। भवन निर्माण के दौरान अलग से मीटिंग हॉल नहीं बनाया गया, जिसके बाद अब पास की जमीन पर नया हॉल बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए करीब 10 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।


सीएम ने कांग्रेस और टीएमसी पर भी साधा निशाना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस के किसान आंदोलन और चक्का जाम को लेकर विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में किसानों को फसलों के उचित दाम नहीं मिलते थे और बिजली-डीजल के लिए परेशान होना पड़ता था, जबकि वर्तमान सरकार किसानों के हित में लगातार फैसले ले रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है और मध्यप्रदेश देश में सबसे सस्ती बिजली देने वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश की बिजली से दिल्ली मेट्रो तक संचालित हो रही है। टीएमसी के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत सामान्य प्रक्रिया है और सभी दलों को जनादेश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और टीएमसी के प्रदर्शन को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।


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 तीन कमिश्नरों के कार्यकाल में तैयार हुआ भवन
नगर निगम मुख्यालय की योजना और डिजाइन तत्कालीन कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी के कार्यकाल में तैयार की गई थी। निर्माण का अधिकांश कार्य उनके समय में हुआ, जबकि आगे की प्रक्रिया हरेंद्र नारायण के कार्यकाल में पूरी की गई। अब वर्तमान कमिश्नर संस्कृति जैन के कार्यकाल में भवन का लोकार्पण कर इसे शुरू किया गया है। इस तरह यह प्रोजेक्ट तीन अलग-अलग कमिश्नरों के कार्यकाल में पूरा हुआ।


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किस मंजिल पर कौन-सा विभाग
ग्राउंड फ्लोर - जनसुविधा केंद्र, टैक्स, विवाह पंजीयन, जनसंपर्क
पहली से चौथी मंजिल - महापौर कार्यालय, भवन अनुज्ञा, जलकार्य, सीवेज, राजस्व
पांचवीं से सातवीं मंजिल - स्वास्थ्य, आईटी, स्मार्ट सिटी, उद्यान, योजना शाखाएं
आठवीं मंजिल - निगम कमिश्नर कार्यालय और स्मार्ट सिटी मुख्यालय

 
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