राजधानी भोपाल में रात के समय वकील के घर में घुसकर मारपीट करने और सोने की चेन लूटने के मामले की आरोपी विद्या परमार की जमानत याचिका को अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार शर्मा ने निरस्त कर दिया है। आरोपिया की ओर से उसके अधिवक्ता अदालत में उसे निर्दोष बताते हुए जमानत याचिका मंजूर करने की मांग की थी।
पीड़ित वकील की ओर से अनेक वकीलों ने अदालत में उपस्थित होकर आरोपिया के अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे जमानत दिए जाने का विरोध किया था। अपर सत्र न्यायाधीश ने पीड़ित वकील की ओर से उपस्थित वकीलों के तर्कों से सहमत होते हुए मामला गंभीर प्रवृत्ति का होने से आरोपिया विद्या परमार की ओर से प्रस्तुत नियमित जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। एडवोकेट ख़ालिद हफ़ीज़ ने बताया कि 24 सितंबर को रात करीब आठ बजे जैन नगर लालघाटी निवासी एडवोकेट नील चौधरी के घर का मेनगेट का ताला तोड़कर अज्ञात आरोपियों ने घर के अन्दर घुसकर उनके साथ मारपीट की थी। आरोपी मारपीट के दौरान कर कह रहे थे कि इसने विद्या और अर्जुन परमार से पंगा लिया है।
आरोपी वकील के गले में पहनी सोने की चेन खींचकर फरार हो गए थे। हमले में एडवोकेट नील चौधरी के कंघे और हाथ-पैर में चोट आई थी। कोहेफिजा पुलिस ने एडवोकेट नील चौधरी की शिकायत पर आरोपी विद्या परमार और अर्जुन परमार सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा- 3 (5) ,115, 296, 3 0 4 (2), 331 (6 ) ,3 51 (2) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर आरोपी विद्या परमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।