परिसर में बने मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करते अधिवक्ता
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राजधानी भोपाल में अधिवक्ताओं ने इस संशोधन का समर्थन करते हुए अनोखे अंदाज में खुशी जाहिर की। जिला न्यायालय परिसर स्थित मंदिर में अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया। अधिवक्ताओं ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया यह संशोधन ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, बल्कि उन गरीब और असहाय मुसलमानों को भी राहत देगा जो वक्फ संपत्तियों से मिलने वाले लाभ से अब तक वंचित रहे थे।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि अब तक कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का दुरुपयोग किया जाता था, जिससे न तो वक्फ बोर्ड को उचित लाभ मिल रहा था और न ही जरूरतमंदों को कोई सहायता मिल पा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि संशोधन के बाद शासकीय संपत्तियों का दुरुपयोग नहीं होगा और न ही वक्फ बोर्ड अब किसी सरकारी भूमि पर अधिकार जमा सकेगा। साथ ही यह भी कहा गया कि जो भी फंड प्राप्त होगा, वह केवल वक्फ की संपत्तियों के रख-रखाव और संबंधित कार्यों में ही उपयोग होगा। इससे वक्फ बोर्ड की आय में वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। कार्यक्रम के अंत में अधिवक्ताओं ने कहा कि यह निर्णय समस्त देशवासियों के हित में है और यह सभी समुदायों को एकजुट करने वाला साबित होगा।