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Bhopal News: निजी अस्पताल की फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट मामले में एक्शन, CMHO ने दो अधिकारियों को थमाया नोटिस

Mon, 15 Dec 2025 06:26 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के अरनव अस्पताल की कथित फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट मामले में सीएमएचओ ने दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एनएसयूआई की शिकायत पर हुई कार्रवाई में निरीक्षण में लापरवाही और भ्रामक रिपोर्ट देने के आरोप हैं, वहीं संगठन ने दोषियों पर एफआईआर और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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सीएमओ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल के एनआरआई नर्सिंग कॉलेज एवं अरनव अस्पताल से जुड़ी कथित फर्जी और कूटरचित निरीक्षण रिपोर्ट के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) भोपाल डॉ. मनीश शर्मा ने निरीक्षण में लापरवाही और अनियमितता के आरोप में दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत पर की गई है। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत और यूपीएचसी सांई बाबा नगर में पदस्थ डॉ. अभिषेक सेन से निरीक्षण रिपोर्ट में की गई गंभीर त्रुटियों को लेकर तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है।
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भौतिक सत्यापन के बिना रिपोर्ट देने का आरोप
नोटिस में आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन किए बिना रिपोर्ट तैयार की और उसमें भ्रामक व तथ्यहीन जानकारी प्रस्तुत की, जिससे शासन और प्रशासन को गुमराह किया गया।मामले को लेकर गुरुवार को एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सीएमएचओ कार्यालय का घेराव किया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।रवि परमार ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। उन्होंने दोनों अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने और पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की मांग की।

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कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाएंगे
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो स्वास्थ्य व्यवस्था में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा असर मरीजों और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नर्सिंग कॉलेजों, अस्पतालों में फर्जी फैकल्टी और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो एनएसयूआई इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगी। फिलहाल सीएमएचओ कार्यालय द्वारा नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


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