बैंक के ड्रॉप बॉक्स से अज्ञात व्यक्ति ने चेक चोरी कर लिए। चोरी की यह घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद भी हुई और पुलिस को इस मामले में शिकायत भी दी गई, लेकिन दस दिन गुजरने के बाद भी यह पता नहीं चल सका है कि कितने चेक चोरी हुए हैं। इनमें से एक चेक के जरिए अशोका गार्डन थानाक्षेत्र के एक अन्य बैंक से एक लाख रुपये निकाल लिए गए। चेक चोरी होने की वारदात की जांच ऐशबाग पुलिस तथा फर्जी तरीके से बैंक खाते से पैसे निकाले जाने के मामले की जांच अशोका गार्डन पुलिस द्वारा की जा रही है।
ऐशबाग थाना प्रभारी विजय बहादुर सिंह सेंगर ने बताया कि पद्मनाभ नगर स्थित बैंक के ड्रॉप बॉक्स से चेक चोरी होने की शिकायत मिली है। बैंक की ओर से ही यह शिकायत की गई है। यह ड्रॉप बॉक्स बैंक के बाहर एटीएम पर लगा हुआ है। अज्ञात व्यक्ति सुबह के समय यहां पर पहुंचा तथा उसने ड्रॉप बॉक्स से चेक चोरी किए। यह पूरी घटना बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। फुटेज में एक युवक चेक चोरी करते हुए दिखा है। इस युवक की तलाश की जा रही है।
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वहीं बैंक से चेक के बारे में जानकारी मांगी गई है। बैंक यह बताने में असमर्थ है कि ड्रॉप बॉक्स में कितने चेक डाले गए थे तथा उसमें से कितने चोरी हुए हैं। बैंक की ओर से बताया गया है कि घटना वाले दिन जब बॉक्स को खोला गया तो उसमें 77 चेक मिले। इधर चेक में हेराफेरी कर खाते से एक लाख रुपये निकालने की एक शिकायत अशोका गार्डन थाने में की गई है।
दूसरे बैंक में लगाया गया फर्जी चेक
शिकायतकर्ता अलिंद कुमार खरे निवासी न्यू मिनाल रेसीडेंसी ने बताया कि उनका बैंक खाता अशोका गार्डन स्थित एक बैंक शाखा गोविंदपुरा में है। उन्होंने गत 6 जून को चेक क्रमांक 951468 राकेश गुर्जर को दिया था। ये चेक उनके बैंक खाते का था तथा अकाउंट पेयी था, यानि कि जिस व्यक्ति को चेक के जरिए भुगतान किया गया है केवल वही भुगतान प्राप्त कर सकता है। वह भी उसके खाते में। चेक लेने वाले राजेश गुर्जर का खाता पिंक टॉवर पद्मनाभ नगर स्थित बैंक में है। उन्होंने अलिंद से लिया हुआ चेक अपने बैंक के बाहर एटीएम लॉबी में बने ड्रॉप बॉक्स में डाल दिया था। 9 जून की सुबह किसी अज्ञात व्यक्ति ने यह चेक इस ड्रॉप बॉक्स से चोरी कर लिया। पांच दिन तक जब गुर्जर के खाते में पैसे नहीं आए तो उन्होंने अलिंद को बताया। यह पता चलते ही अलिंद अपने बैंक पहुंचे। यहां पर उन्हें पता चला कि उनके खाते से पैसे तो निकल गए हैं, लेकिन वो पैसे गुर्जर के खाते में नहीं गए हैं।